मध्य प्रदेश
रातापानी टाइगर रिज़र्व का नाम अब विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर
- 15 Jan 2026
- 10 min read
चर्चा में क्यों?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि रातापानी टाइगर रिज़र्व का नाम प्रसिद्ध पुरातत्त्ववेत्ता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित विष्णु श्रीधर वाकणकर के सम्मान में रखा जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- वी. एस. वाकणकर: वे एक प्रसिद्ध पुरातत्त्ववेत्ता थे, जिन्हें भीमबेटका रॉक शेल्टर्स की खोज के लिये सबसे अधिक जाना जाता है, जो UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं।
- मुख्य योगदान: शैल-चित्रकला अनुसंधान के माध्यम से उन्होंने प्रागैतिहासिक मानव इतिहास में भारत के महत्त्व को स्थापित किया।
- पुरस्कार: पद्मश्री (1975)।
- रातापानी टाइगर रिज़र्व: यह मध्य प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिज़र्व है।
- भारत का 57वाँ टाइगर रिज़र्व है।
- जैव विविधता में समृद्ध, जिसमें बाघ, तेंदुए, स्लॉथ बियर और विविध वनस्पति शामिल हैं।
- अधिसूचित: इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अधिसूचित किया गया है।
- यह मध्य भारत में आवास संरक्षण और वन्यजीव गलियारों को मज़बूत करने में सहायक है।
- स्थान: यह भोपाल के निकट मध्य प्रदेश के रायसेन और सीहोर ज़िलों में स्थित है।
- इको-टूरिज़्म प्रभाव: रिज़र्व का नया नामांकन इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देगा, जन-जागरूकता बढ़ाएगा और रिज़र्व के साथ-साथ भारत की पुरातात्त्विक विरासत को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।
|
और पढ़ें: रातापानी टाइगर रिज़र्व, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, UNESCO, भीमबेटका रॉक शेल्टर |