राजस्थान
राजस्थान ने शुरू किया एग्रीकल्चर कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट
- 18 Mar 2026
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चर्चा में क्यों?
राजस्थान कृषि विभाग ने किसानों को कार्बन वित्त अर्जित करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से एक 'कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट' को लागू करने के लिये ‘IORA इकोलॉजिकल सॉल्यूशंस' के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
मुख्य बिंदु:
- समझौता एवं उद्देश्य: राजस्थान कृषि विभाग ने IORA इकोलॉजिकल सॉल्यूशंस के साथ साझेदारी कर ‘कृषि भूमि प्रबंधन कार्बन परियोजना’ शुरू की है, जिसका उद्देश्य किसानों को कार्बन क्रेडिट और अतिरिक्त आय प्राप्त करने में सहायता करना है।
- घोषणा: इस पहल को राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
- पायलट क्षेत्र: परियोजना को प्रारंभिक रूप से निम्न स्थानों पर लागू किया जाएगा:
- बानसूर (कोटपूतली-बहरोड़ ज़िला)
- महवा (दौसा ज़िला)
- मालपुरा (टोंक ज़िला)
- योजना से संबंध: यह परियोजना वर्ष 2023 की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना के अनुरूप है, जो किसानों के लिये कार्बन वित्त की सुविधा प्रदान करती है।
- आवृत गतिविधियाँ: जलवायु-अनुकूल प्रथाएँ अपनाने वाले किसान पात्र होंगे, जैसे:
- वृक्षारोपण, सूक्ष्म सिंचाई, फार्म तालाब, सोलर पंप, उर्वरक प्रबंधन, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा कार्बन वृद्धि और परिवर्ती चराई प्रणाली।
- प्रोत्साहन तंत्र: किसानों को सतत प्रथाओं के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी के आधार पर प्रति हेक्टेयर भुगतान किया जाएगा।
- कार्बन क्रेडिट की अवधारणा:
- कार्बन क्रेडिट ग्रीनहाउस गैसों के एक निश्चित मात्रा के उत्सर्जन की अनुमति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- जो इकाइयाँ कम उत्सर्जन करती हैं, वे अतिरिक्त क्रेडिट बेच सकती हैं, जिससे उत्सर्जन कम करने के लिये एक बाज़ार-आधारित तंत्र बनता है।
- महत्त्व: यह पहल कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, संधारणीय कृषि को बढ़ावा देने, मृदा स्वास्थ्य में सुधार करने और जलवायु परिवर्तन के शमन में योगदान देती है।
- साथ ही यह किसानों को कार्बन क्रेडिट के माध्यम से अतिरिक्त आय प्रदान कर ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करती है और कृषि को हरित अर्थव्यवस्था से जोड़ती है।
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