राजस्थान
नीति आयोग ने जयपुर में सर्कुलर इकोनॉमी पर तीन रिपोर्ट लॉन्च कीं
- 29 Jan 2026
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चर्चा में क्यों?
नीति आयोग ने जनवरी 2026 में राजस्थान के जयपुर में भारत में सर्कुलर इकोनॉमी को सुदृढ़ करने पर केंद्रित तीन व्यापक रिपोर्ट जारी कीं, जिनमें एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों (ELVs), अपशिष्ट टायर, ई-अपशिष्ट तथा लिथियम-आयन बैटरियाँ शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: ये रिपोर्ट राजस्थान के जयपुर में आयोजित इंटरनेशनल मैटीरियल रीसाइक्लिंग कॉन्फ्रेंस (IMRC) 2026 के दौरान जारी की गईं।
- आयोजक: इसका आयोजन मैटीरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI) द्वारा किया गया।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी इकोसिस्टम में चुनौतियों एवं अवसरों का विश्लेषण करना तथा अवसंरचना विकास, क्षेत्रों के औपचारिकीकरण और राजस्व सृजन के लिये नीतिगत सिफारिशें करना है।
- इन रिपोर्टों में एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) फ्रेमवर्क को सुदृढ़ करने और प्रमुख अपशिष्ट क्षेत्रों में संसाधन दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- रणनीतिक महत्त्व: यह‘विकसित भारत 2047’ फ्रेमवर्क के अंतर्गत संसाधन-दक्ष, निम्न-कार्बन विकास की भारत की परिकल्पना के अनुरूप।
- स्वच्छ ऊर्जा में भूमिका: बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिक्री के बीच लिथियम-आयन बैटरियों की बढ़ती मांग और उनके जीवन-चक्र के अंत में सतत प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
मैटीरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI):
स्थापना: MRAI की स्थापना 1 नवंबर, 2011 को की गई थी।
भूमिका: यह भारत में रीसाइक्लिंग उद्योग का शीर्ष निकाय है, जो सतत अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देता है।
और पढ़ें: नीति आयोग, सर्कुलर इकोनॉमी, एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR), विकसित भारत 2047, इलेक्ट्रिक वाहन (EV)