झारखंड
झारखंड बजट 2026-27
- 25 Feb 2026
- 36 min read
चर्चा में क्यों?
झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये अपना बजट, जिसे ‘अबुआ दिशोम’ बजट नाम दिया गया है, राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया। इस बजट का कुल प्रावधान ₹1.58 लाख करोड़ है। यह बजट वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
- बजट का संक्षिप्त विवरण: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये कुल बजट आकार ₹1,58,560 करोड़ है, जो पिछले वर्ष के ₹1.45 लाख करोड़ के बजट की तुलना में लगभग 9% की वृद्धि को दर्शाता है।
- थीम: ‘अबुआ दिशोम’ (हमारा अपना) थीम सरकार के उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जिसके तहत विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने पर ज़ोर दिया गया है।
- राजकोषीय ढाँचा (₹ करोड़ में):
- कुल राजस्व प्राप्तियाँ: 1,36,210.04
- कुल राजस्व व्यय: 1,20,851.90
- पूंजी प्राप्तियाँ: 22,349.96
- पूंजी व्यय: 37,708.10
- राजस्व घाटा: 15,358.14 (GSDP का 2.46%)
- प्रभावी राजस्व घाटा: 28,102.28 (GSDP का 4.50%)
- राजकोषीय घाटा: 13,595.79 (GSDP का 2.18%)
- प्राथमिक घाटा: 7,075.83 (GSDP का 1.13%)
- ऋण–GSDP अनुपात: 25.3%
- कुल प्राप्तियाँ: 1,58,560
- कुल व्यय: 1,58,560
- क्षेत्रवार आवंटन (₹ करोड़ में):
- सामाजिक क्षेत्र: ₹67,459.54 करोड़
- सामान्य क्षेत्र: ₹32,055.83 करोड़
- आर्थिक क्षेत्र: ₹59,044.63 करोड़
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र: ₹4,884.20 करोड़
- महिला एवं बाल विकास: ₹22,995.69 करोड़
- जेंडर बजट: ₹34,211.27 करोड़
- कुल स्वास्थ्य बजट: ₹7,990.30 करोड़
- ऊर्जा क्षेत्र: ₹11,197.89 करोड़
- मुख्य आवंटन (₹ करोड़ में):
- बिरसा बीज उत्पादन योजना: ₹145 करोड़
- मृदा एवं जल संरक्षण: ₹475.50 करोड़
- सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई: ₹75 करोड़
- कृषि यंत्र वितरण: ₹80 करोड़
- झारखंड मिलेट मिशन: ₹25 करोड़
- फसल बीमा: ₹400 करोड़
- भंडारण एवं कोल्ड चेन अवसंरचना: ₹322 करोड़
- ग्रामीण विकास: ₹12,346.90 करोड़
- सिंचाई परियोजनाएँ: ₹1,137.10 करोड़
- जल संसाधन विभाग: ₹2,714.71 करोड़
- अबुआ आवास योजना: आवास परियोजनाओं हेतु ₹4,100 करोड़
- मैया सम्मान योजना (महिलाओं के लिये मासिक सहायता): ₹14,065.57 करोड़
- सार्वभौमिक पेंशन योजना: ₹3,517.23 करोड़
- राष्ट्रीय पेंशन योजनाएँ: ₹1,463.58 करोड़
- स्कूली शिक्षा: ₹16,251.43 करोड़
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा: ₹2,564.45 करोड़
- सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तीकरण: झारखंड मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु की महिलाओं को राज्य की महिला-केंद्रित वित्तीय सहायता योजना के तहत प्रतिमाह ₹2,500 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है।
- कृषि एवं ग्रामीण विकास: कृषि क्षेत्र राज्य की प्राथमिकता बना हुआ है। बीज उत्पादन, मृदा एवं जल संरक्षण, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई, कृषि यंत्र सहायता तथा मिलेट मिशन के लिये आवंटन में वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास मद में आवास, सिंचाई एवं जल संसाधन परियोजनाओं हेतु पर्याप्त प्रावधान किये गए हैं।
- शिक्षा एवं कौशल विकास: शिक्षा क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया है। प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिये बड़े पैमाने पर बजटीय आवंटन, तकनीकी शिक्षा का विस्तार, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना तथा शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग पहलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: स्वास्थ्य बजट में कैंसर उपचार जैसी विशेष योजनाओं, उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के विकास तथा पूरे राज्य में 750 अबुआ दवाखाना क्लीनिकों की स्थापना के प्रावधान शामिल हैं।
- अवसंरचना एवं ऊर्जा: सड़क निर्माण, ग्रामीण कार्यों तथा ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिये बड़े पैमाने पर आवंटन प्रस्तावित किये गए हैं। इसमें विद्युत संयंत्रों का विस्तार, पात्र परिवारों को निशुल्क विद्युत इकाइयाँ तथा नवीकरणीय ऊर्जा पर सब्सिडी जैसी पहलें शामिल हैं।
- औद्योगिक विकास एवं निवेश: झारखंड ने ₹1.24 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के साथ महत्त्वपूर्ण निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन की संभावना है। राज्य की विश्व आर्थिक मंच में पहली भागीदारी सतत विकास, विशेषकर हरित ऊर्जा एवं खनिज क्षेत्रों में, स्वयं को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को दर्शाती है।
- PESA का क्रियान्वयन: पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, PESA को 2 जनवरी 2026 से लागू किया गया। इसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्थानीय संसाधनों पर अधिक नियंत्रण तथा सामुदायिक निर्णय-निर्माण की सशक्त शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।
- महत्त्व: ‘अबुआ दिशोम’ बजट समावेशी एवं सतत विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह बजट कल्याणकारी व्यय और शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसंरचना तथा कृषि में पूंजीगत निवेश के बीच संतुलन स्थापित करता है।
- इसका उद्देश्य हाशिये पर रहने वाले समुदायों का उत्थान करना, ग्रामीण आजीविकाओं को सुदृढ़ करना तथा झारखंड की आर्थिक संभावनाओं को मज़बूत बनाना है।