हरियाणा
उत्तर प्रदेश ने डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिये rs. 3,000 करोड़ के MoU पर हस्ताक्षर किये
- 18 Apr 2026
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चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव’ (गोल्डन जुबली समारोह) के दौरान ₹3,000 करोड़ से अधिक मूल्य के 59 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किये। यह कार्यक्रम राज्य के डेयरी विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी एकीकरण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
मुख्य बिंदु:
- कुल निवेश: इस सम्मेलन के दौरान ₹3,000 करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किये गए।
- प्रमुख प्रतिभागी: इन MoUs पर प्रमुख निजी संस्थाओं के साथ हस्ताक्षर किये गए, जिनमें शामिल हैं:
- आनंदा डेयरी
- ज्ञान डेयरी
- परम डेयरी
- रोज़गार प्रभाव: इन 59 समझौतों से राज्य में 13,000 से अधिक नए रोज़गार सृजित होने की संभावना है।
- मुख्य क्षेत्र: निवेश डेयरी प्लांट, दूध शीतलन केंद्र, पशु चारा संयंत्र स्थापित करने और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है।
- डेयरी क्षेत्र का रणनीतिक प्रदर्शन: पशुपालन मंत्री के अनुसार, विभाग अब तक ₹25,000 करोड़ से अधिक के कुल 796 MoU निष्पादित कर चुका है, जिससे अंततः 60,000 से अधिक रोज़गार सृजित होंगे।
- आर्थिक योगदान: डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सकल राज्य मूल्यवर्द्धन (GSVA) में लगभग ₹1.72 लाख करोड़ का योगदान देता है।
- किसान समर्थन: नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत, लगभग ₹84 करोड़ की अनुदान राशि 10,000 से अधिक लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से वितरित की गई है।
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