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15 Mar 2026
फुल लेंथ टेस्ट्स
सामान्य अध्ययन पेपर 4
General Studies-4 (फुल लेंथ टेस्ट)
खंड-A (लघु उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 1. लोक जीवन का मार्गदर्शन करने वाले मूल नैतिक सिद्धांतों को सूचीबद्ध करते हुए इन पर चर्चा कीजिये। ये सिद्धांत शासन में विश्वास और पारदर्शिता बनाने में कैसे योगदान करते हैं? (8 अंक)
प्रश्न 2. "सामाजिक प्रभाव अभिवृत्ति और व्यवहार को आकार देने में एक शक्तिशाली कारक है। सामाजिक प्रभाव के विभिन्न प्रकारों तथा अभिवृत्ति निर्माण एवं परिवर्तन पर इनके प्रभाव का परीक्षण कीजिये। (8 अंक)
प्रश्न 3. लोक सेवा के मूलभूत मूल्य क्या हैं और ये सुशासन के लिये क्यों आवश्यक हैं? उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिये। (8 अंक)
प्रश्न 4. लोक सेवा के संदर्भ में ‘अभिरुचि’ का क्या अर्थ है? लोक सेवकों की अभिरुचि को व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से संवर्द्धित करने हेतु कौन-से उपाय अपनाये जा सकते हैं? (8 अंक)
प्रश्न 5. सरकारी संस्थानों की कार्य संस्कृति नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को किस प्रकार प्रभावित करती है? लोक प्रशासन में दक्षता एवं उत्तरदायित्व बढ़ाने के लिये समुचित उपाय सुझाइये। (8 अंक)
प्रश्न 6. सूचना साझाकरण नागरिक-केंद्रित शासन का एक प्रमुख पहलू है। भागीदारीपूर्ण लोकतंत्र सुनिश्चित करने में सूचना साझाकरण के लाभों पर चर्चा कीजिये। (8 अंक)
प्रश्न 7. राजनीतिक दलों में कॉर्पोरेट वित्त पोषण का बढ़ता प्रभाव महत्त्वपूर्ण नैतिक चिंताओं को जन्म देता है। भारत की राजनीतिक प्रणाली में वित्त पोषण से संबंधित नैतिक मुद्दों को किस प्रकार संबोधित किया जा सकता है? (8 अंक)
प्रश्न 8. स्वामी विवेकानंद के निष्काम कर्म (निःस्वार्थ सेवा) संबंधी विचारों की चर्चा कीजिये तथा नैतिक शासन को बढ़ावा देने में इन विचारों की प्रासंगिकता का विश्लेषण कीजिये। (8 अंक)
प्रश्न 9. अभिवृत्ति एवं सामाजिक मानदंडों के मध्य संबंध को स्पष्ट कीजिये। समाज व्यक्तिगत और सामूहिक अभिवृत्तियों के विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है? (8 अंक)
प्रश्न 10. लोक सेवकों के लिये भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EI) को एक महत्त्वपूर्ण गुण माना जाता है। विश्लेषण कीजिये कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता किस प्रकार निर्णयन, विवाद समाधान तथा लोक सेवा प्रदायगी में सहायता करती है। (8 अंक)
खंड-B (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 11. नैतिकता विभिन्न आयामों को समाहित करती है, नैतिक, विधिक, पेशेवर एवं सामाजिक आयामों का विश्लेषण कीजिये तथा मानव आचरण को आकार देने में इनकी महत्ता को समझाइये। (12 अंक)
प्रश्न 12. परिवार एवं समाज व्यक्तियों में मानव मूल्यों के विकास और संस्थापन में कैसे योगदान देते हैं तथा सदाचरण एवं नैतिक व्यवहार को आकार देने में उनकी क्या भूमिका होती है? (12 अंक)
प्रश्न 13. अमित एक युवा एवं ईमानदार अधिकारी है, जो सत्यनिष्ठा एवं नैतिक शासन व्यवस्था में दृढ़ विश्वास रखता है। हाल ही में, उसे एक सरकारी विभाग में खरीद अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। एक दिन, उसके वरिष्ठ अधिकारी ने उसे एक ऐसे ठेकेदार की निविदा को अनुमोदित करने का निर्देश दिया, जो घटिया कार्य एवं अनैतिक प्रथाओं के लिये कुख्यात था। अमित भली-भाँति जानता था कि यदि वह इस निविदा को अस्वीकार करता है, तो उसके वरिष्ठ अधिकारी अप्रसन्न हो सकते हैं और इससे उसके करियर की संभावनाएँ प्रभावित हो सकती हैं, जबकि इसे मंजूरी देने से लोक वित्त की हानि होगी तथा अवसंरचना की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अत्यधिक दबाव के बावजूद, अमित ने नैतिक मूल्यों एवं पारदर्शिता मानकों का हवाला देते हुये निविदा को स्वीकृति देने से इनकार कर दिया। परिणामस्वरूप, उसका तबादला एक दूरस्थ क्षेत्र में कर दिया गया, जहाँ करियर की संभावनाएँ सीमित थीं।
नैतिक शासन व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार-विरोधी सिद्धांतों के संदर्भ में अमित के निर्णय पर टिप्पणी कीजिये। (12 अंक)
प्रश्न 14. सरकार की योजनाओं एवं सामाजिक पहल के लिये प्रभावी संप्रेषण रणनीतियों को आकार देने में अभिवृत्तियों (Attitudes) के अध्ययन को कैसे लागू किया जा सकता है? उदाहरण सहित चर्चा कीजिये। (12 अंक)
प्रश्न 15. एक राज्य में बढ़ते बाल तस्करी के मामलों से निपटने हेतु आपको एक लोक सेवक के रूप में मुख्यमंत्री के कड़े कदमों को निगरानी, कड़े दंड और श्रम नियमन के माध्यम से लागू करना होगा।
जहाँ उद्योग जगत इसे आजीविका बाधित करने वाला बता रहा है, वहीं नागरिक समाज पुनर्वास और जागरूकता को दंडात्मक उपायों से अधिक महत्त्वपूर्ण मानता है।
क्या सरकार को सख्त प्रवर्तन को प्राथमिकता देनी चाहिये या पुनर्वास, जागरूकता और आर्थिक सहायता को सम्मिलित करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिये? (12 अंक)
प्रश्न 16. गैर-तरफदारी और निष्पक्षता लोक सेवाओं में निर्णयन को किस प्रकार आकार देती है? प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखने में इनकी भूमिका पर चर्चा कीजिये। (12 अंक)
प्रश्न 17. 'सत्यनिष्ठा' की अवधारणा एवं लोक सेवाओं में नैतिक मानकों के अनुरक्षण में इसकी भूमिका की व्याख्या कीजिये। उदाहरणों के साथ अपने उत्तर का समर्थन कीजिये। (12 अंक)
प्रश्न 18. लोक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने में आचरण संहिताओं की भूमिका पर चर्चा कीजिये। लोक सेवकों को जनता के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने के लिये इन्हें कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है? (12 अंक)
प्रश्न 19. वैश्विक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय संबंध अक्सर नैतिकता और सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होते हैं। समकालीन विश्व में नैतिक विचार किस प्रकार भारत के विदेश संबंधों को आकार देते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (12 अंक)
प्रश्न 20. भ्रष्टाचार शासन की नींव को कमजोर करता है। भारत के सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार में योगदान देने वाले कारकों का परीक्षण कीजिये और इसे रोकने के लिये संस्थागत सुधार सुझाइये। (12 अंक)
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