हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

लोकसभा और राज्यसभा टीवी डिबेट

शासन व्यवस्था

सुशासन सूचकांक

  • 07 Jan 2020
  • 8 min read

संदर्भ

25 दिसंबर, 2019 को सरकार ने देश में शासन की स्थिति को दर्शाने के लिये ‘सुशासन सूचकांक’ (Good Governance Index- GGI) जारी किया। सूचकांक में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को तीन वर्गों में विभाजित किया गया। उनका आकलन शासन के 10 क्षेत्रों में 51 संकेतकों पर किया गया। बड़े राज्यों में तमिलनाडु; पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेशों में पुद्दुचेरी प्रथम स्थान पर रहा।

सुशासन सूचकांक के बारे में

  • यह विभिन्न केंद्रशासित प्रदेशों एवं राज्यों में सरकारों द्वारा जनता के हित में उठाए गए कदम, निर्मित नीतियों का प्रभाव एवं शासन की स्थिति को दर्शाने हेतु जारी किया जाता है।
  • इस सूचकांक की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर की गई। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की वर्षगाँठ पर ही ‘सुशासन दिवस’ की शुरुआत की गई थी। अत: इस वर्ष सुशासन दिवस के अवसर पर ही ‘सुशासन सूचकांक’ जारी किया गया है।
  • सुशासन के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने हेतु देश भर के विभिन्न हिस्सों में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा कई क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किये गए हैं।
  • GGI के रूप में एक पृथक एवं व्यापक सूचकांक बनाने का उद्देश्य एक ऐसा मानदंड तैयार करना है, जिसका उपयोग प्रत्येक राज्य में शासन की स्थिति के आकलन में समान रूप से किया जा सकता है और न केवल राज्यों में बल्कि आगे चलकर ज़िलेवार आकलन भी किया जा सके।
  • साथ ही केंद्रशासित प्रदेशों सहित केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा जनता के हित में किये गए विभिन्न हस्तक्षेपों के प्रभाव का आकलन किया जा सके।
  • इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शासन का तुलनात्मक अध्ययन करने के लिये मात्रात्मक डेटा प्रदान करना एवं शासन में सुधार के लिये उपयुक्त रणनीति बनाने तथा लागू करने में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सक्षम बनाना (ताकि शासन व्यवस्था को और बेहतर एवं परिणामोन्मुखी बनाया जा सके) भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
  • इसके अतिरिक्त GGI का एक अन्य महत्त्वपूर्ण योगदान राज्य स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति की जानकारी प्रदान करना भी है।

सुशासन दिवस (Good Governance Day)

  • भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को भारत में ‘सुशासन दिवस’ मनाया जाता है।
  • जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही को बढ़ाने हेतु एवं लोगों में इसे लेकर जागरूकता फैलानेके लिये वर्ष 2014 में सुशासन दिवस की शुरुआत की गई थी।
  • सुशासन दिवस के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि सुशासन दिवस सरकार के लिये अवकाश का दिन न होकर एक कार्य दिवस है।

GGI सूचकांक का निर्धारण :

  • सूचकांक को शासन के विभिन्न मापदंडों के आधार पर तैयार किया गया है तथा इसमें निम्नलिखित 10 क्षेत्रकों/सेक्‍टरों को शामिल किया गया है

Good-Governance-Index

उपरोक्त वर्णित शासन के दस क्षेत्रों को पुनः 51 संकेतकों के आधार पर मापा जाता है।

  • मूल्य की गणना हेतु एक क्षेत्र के तहत अंतर-संकेतकों को अलग-अलग भार दिया जाता है। जैसे-कृषि और संबद्ध क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग भार के साथ 6 संकेतकों को शामिल किया गया है-

1. कृषि और संबद्ध क्षेत्र की विकास दर (0.4)
2. खाद्यान्न उत्पादन की वृद्धि दर (0.1)
3. बागवानी उपज की विकास दर (0.1)
4. दूध उत्पादन विकास दर (0.1)
5. मांस उत्पादन की वृद्धि दर (0.1)
6. फसल बीमा (0.2)

  • सूचकांक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तीन अलग-अलग समूहों: (1) बड़े राज्य, (2) उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्य एवं (3) संघ राज्य क्षेत्र में विभक्त किया गया है।
  • ऊपर वर्णित सभी संकेतकों पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अलग-अलग स्थान दिया गया है जिसके आधार पर इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिये समग्र रैंकिंग की भी गणना की गई है।

समग्र रैंकिंग:

  • बड़े राज्यों में शीर्ष स्थान वाले तीन राज्य, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं निचले स्थान वाले तीन राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा हैं।

Composite-Ranking

  • पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में शीर्ष स्थान वाले तीन राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और त्रिपुरा एवं निचले स्थान पर तीन राज्य-अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मेघालय हैं।
  • केंद्रशासित प्रदेशों में शीर्ष तीन राज्य-पांडिचेरी, चंडीगढ़ और दिल्ली हैं एवं निचले स्थान पर लक्षद्वीप है।

क्षेत्रवार रैंकिंग:

  • पर्यावरण की श्रेणी में शीर्ष तीन राज्य- पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु हैं एवं निचले स्थान वाले तीन राज्य- तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गोवा हैं।
  • आर्थिक प्रशासन की श्रेणी के अंतर्गत कर्नाटक शीर्ष पर है, जबकि स्वास्थ्य की श्रेणी में केरल शीर्ष पर है।
  • कृषि और संबद्ध क्षेत्र की श्रेणी में मध्य प्रदेश, राजस्थान शीर्ष पर हैं, जबकि वाणिज्य और उद्योग के क्षेत्र में झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना शीर्ष पर हैं एवं मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में गोवा शीर्ष पर है।
  • न्यायिक और सार्वजनिक सुरक्षा रैंकिंग में तमिलनाडु शीर्ष पर है, जबकि पश्चिम बंगाल नीचे से दूसरे पायदान पर है।

सीमाएँ:

  • सूचकांक में परिणाम काफी हद तक आँकड़ों की उपलब्धता पर निर्भर होता है। यदि आँकड़ों में सटीकता एवं विश्वसनीयता कम हो तो परिणाम बदल सकता है। हालाँकि सरकारी स्रोतों से प्रामाणिक और विश्वसनीय आँकडे उपलब्ध होने पर इस समस्या को दूर किया जा सकता है।
  • सूचकांक में शामिल सीमित संकेतकों के चयन से केंद्र एवं राज्य सरकारें केवल उन्हीं सकेतकों की तरफ ध्यान देंगी, न कि शासन के अन्य पहलुओं पर।

अभ्यास प्रश्न: सुशासन सूचकांक की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिये।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close