रैपिड फायर
वुल्फ सुपरमून
- 07 Jan 2026
- 13 min read
वर्ष 2026 की पहली पूर्णिमा, जिसे वुल्फ सुपरमून कहा जाता है, 2 जनवरी को अपने उच्चतम स्तर पर थी, जिसमें पूर्णिमा सामान्य की तुलना में थोड़ी बड़ी और अधिक उज्ज्वल दिखाई दी। वुल्फ सुपरमून एक संयुक्त शब्द है, जो वुल्फ मून की घटना को सुपरमून के समय में संदर्भित करता है।
- वुल्फ मून जनवरी माह की पहली पूर्णिमा का पारंपरिक नाम है। यह नाम मूल अमेरिकी (इंडिजिनस), सेल्टिक और पुरानी अंग्रेज़ी लोककथाओं में मूल रूप से मौजूद है और इसे द ओल्ड फार्मर ऐल्मनैक जैसे पंचांगों ने लोकप्रिय बनाया है।
- यह मध्य शीतऋतु से जुड़ी उस धारणा से संबंधित है कि इस समय भेड़ियों की हुआँ-हुआँ (चीखने-चिल्लाने) की आवाज़ें अधिक सुनाई देती हैं, हालाँकि चंद्रमा में स्वयं कोई भौतिक परिवर्तन नहीं होता।
- वुल्फ सुपरमून एक अपेक्षाकृत दुर्लभ घटना है, जो केवल तब घटित होती है जब जनवरी की पूर्णिमा का संयोग सुपरमून से होता है।
- सुपरमून वह स्थिति है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होते हुए पृथ्वी के सबसे निकट बिंदु पर होता है, जिससे वह रात्रि में आकाश में थोड़ा बड़ा और अधिक उज्ज्वल दिखाई देता है।
- जब चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर अंडाकार कक्षा में परिक्रमा करता है, तो वह अपनी कक्षा के दो विशिष्ट बिंदुओं से होकर गुज़रता है- पेरिजी, जो पृथ्वी के सबसे निकट का बिंदु होता है और एपोजी, जो पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु होता है।
- सुपरमून के दौरान एक सामान्य दृश्य प्रभाव चंद्र भ्रम (Moon Illusion) होता है। इसमें चंद्रमा क्षितिज के निकट आकाश में ऊँचा होने की तुलना में अधिक बड़ा प्रतीत होता है। यह भ्रम हमारे मस्तिष्क की दूरी और पैमाने की धारणा/आकलन में त्रुटि के कारण होता है, न कि चंद्रमा के आकार में किसी वास्तविक/भौतिक परिवर्तन के कारण।
|
और पढ़ें: पूर्ण चंद्र ग्रहण और सुपरमून |
