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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 31 अगस्त, 2020

  • 31 Aug 2020
  • 7 min read

शतरंज ओलंपियाड

30 अगस्त 2020 को भारत ने पहली बार शतरंज ओलंपियाड जीतकर इतिहास रच दिया। भारत को ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड के फाइनल मुकाबले में रूस के साथ संयुक्त विजेता घोषित किया गया। भारत ने पहली बार इस ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीता है, जबकि रूस ने इसे 24 बार (18 बार सोवियत संघ) जीता है। अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने वैश्विक महामारी COVID- 19 को देखते हुए पहली बार ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड करवाया गया था। भारत की यह जीत इसलिये भी खास है क्योंकि वो पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचा था। हालाँकि भारत को रूस के साथ संयुक्त रूप से विजेता चुना गया है। दरअसल, रूस के खिलाफ खेला जा रहा फाइनल मुकाबला इंटरनेट कनेक्शन टूटने के बाद पूरा नहीं हो सका, जिसके कारण भारत और रूस को संयुक्त रूप से विजेता चुना गया। फाइनल मुकाबले में पहले रूस को शतरंज ओलंपियाड का विजेता घोषित किया गया, लेकिन भारत ने अपील दायर की और जाँच के बाद भारत और रूस दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया।

शांति सैनिक मिशन : भारत सह-प्रायोजक

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने यह घोषणा की है कि, उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने का निर्णय लिया है, जो शांति अभियानों में महिला कर्मियों की पूर्ण, प्रभावी और सार्थक भागीदारी के लिये आह्वान करता है। इस मिशन ने अपने सह-प्रायोजन के बारे में सूचित करते हुए यह कहा कि, भारत उस संकल्प के सह-प्रायोजन पर गर्वित है जिसे इंडोनेशिया द्वारा प्रस्तुत किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्ष 2019-20 के कार्यकाल के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखना इंडोनेशिया की प्राथमिकता रही है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सूचित किया है कि सुरक्षा परिषद में वर्ष 2021 से शुरू होने वाले अपने कार्यकाल के दौरान भारत ने अपने लिये जो प्राथमिकतायें तय की हैं, उनमें से एक प्राथमिकता यह है कि उसके द्वारा सभी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती हुई भागीदारी पर ज़ोर दिया जाएगा। भारत की पृष्ठभूमि दुनिया भर के विभिन्न देशों में महिला शांति सैनिकों को तैनात करने की लंबी परंपरा प्रदर्शित करती है। वर्ष 1960 के प्रारंभ में, भारत ने सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में सेवा करने के लिये कांगो गणराज्य में भेजा था।

ड्वेन ब्रावो

वेस्टइंडीज के ऑल राउंडर और विश्व की विभिन्न टी-20 लीग में खेलने वाले ड्वेन ब्रावो क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में 500 विकेट हासिल करने वाले पहले गेंदबाज बन गये हैं। टी-20 क्रिकेट में ब्रावो से पहले कोई भी गेंदबाज 500 विकेट नहीं ले सका है। ड्वेन ब्रावो ने कैरेबियन प्रीमियर लीग, 2020 में सेंट लूसिया जॉक्स के खिलाफ मैच में यह उपलब्धि हासिल की। वेस्टइंडीज के ही रोस्टन चेज को आउट कर उन्होंने अपना 500वाँ टी-20 विकेट लिया। कैरेबियन प्रीमियर लीग में ब्रावो ट्रिनबागो नाइटराइडर्स का हिस्सा हैं। यही नहीं उन्होंने कैरेबियन प्रीमियर लीग में भी अपने 100 विकेट पूरे कर लिये हैं,  वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा है, जिन्होंने 390 विकेट लिये हैं। टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में तीसरे नंबर पर वेस्टइंडीज के ही सुनील नरेन हैं। सुनील नरेन अब तक 339 मैचों में 383 विकेट ले चुके हैं। 

ई-मार्केट प्लेटफॉर्म

संयुक्त अरब अमीरात ने हाल ही में एग्रीयोटा नामक एक नई तकनीक आधारित कृषि जिंस कारोबार और ई-मार्केट प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इससे भारत के लाखों ग्रामीण किसानों और संयुक्त अरब अमीरात के फूड इंडस्ट्री के बीच अंतर को कम किया जा सकेगा। दुबई के मुक्त क्षेत्र दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर और जिंस व्यापार तथा उद्यम पर सरकार के प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत लाखों भारतीय किसानों को संयुक्त अरब अमीरात के पूरे फूड इंडस्ट्री से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। इसमें खाद्य प्रसंस्करण कम्पनियाँ , कारोबारी और थोक विक्रेता भी शामिल हैं। एग्रीयोटा ई-मार्केटप्लेस के जरिये किसान बिचौलियों को दरकिनार करते हुए आपूर्ति श्रृंखला का अधिकतम उपयोग कर सकेंगे। इससे सभी हितधारकों को फायदा होगा। इस ऑनलाइन मार्केटप्लेस में पूरी पारदर्शिता होगी और पैसों के सुरक्षित लेनदेन की गारंटी मिलेगी।

प्रणब मुखर्जी 

पिछले कुछ कुछ समय से बीमार चल रहे भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को निधन हो गया। दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल की तरफ से ज़ारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया था कि फेफड़ों में संक्रमण की वजह से वह सेप्टिक शॉक में थे। 84 वर्षीय मुखर्जी लगातार गहरे कोमा में थे और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सेप्टिक शॉक की स्थिति में रक्तचाप काम करना बंद कर देता है और शरीर के अंग पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने में विफल हो जाते हैं। वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति बने थे। वे भारत के 13वें राष्ट्रपति थे।

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