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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 30 अक्तूबर, 2020

  • 30 Oct 2020
  • 5 min read

केशुभाई पटेल 

गुजरात के अनुभवी राजनीतिज्ञ और पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 93 वर्ष की आयु में अहमदाबाद में निधन हो गया है। 24 जुलाई, 1928 को गुजरात के जूनागढ़ ज़िले में जन्मे केशुभाई पटेल का मूल नाम केशुभाई देसाई था, जिन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के बाद अपना उपनाम ‘देसाई’ से बदलकर ‘पटेल’ कर लिया था। केशुभाई पटेल ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत राजकोट नगरपालिका में चुनाव लड़कर की थी, इसके बाद उन्होंने अपना पहला आम चुनाव वांकानेर (Wankaner) (तब राजकोट ज़िले में विधानसभा सीट) से भारतीय जनसंघ के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, हालाँकि वे इस चुनाव में असफल हुए थे। 1970 के दशक में केशुभाई पटेल राष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर तब प्रमुखता हासिल की जब इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भेज दिया गया, वर्ष 1977 में उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता। वर्ष 1995 में वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने, हालाँकि उन्हें जल्द ही इस्तीफा देना पड़ा। वर्ष 1998 में पुनः चुनाव आयोजित किये गए और एक बार फिर केशुभाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री बने और वर्ष 2001 तक इस पद पर रहे।

आरोग्य वन- गुजरात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा ज़िले में केवडि़या में ‘आरोग्‍य वन’ का उद्घाटन किया है। इस संबंध में जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, योग, आयुर्वेद और ध्‍यान को बढावा देने के उद्देश्य से बनाया गया ‘आरोग्‍य वन’ 17 एकड़ भूमि पर स्थित है और इसमें 380 चयनित प्रजातियों के पाँच लाख पौधे लगाए गए हैं। साथ ही गुजरात स्थिति इस आरोग्‍य वन में कैफेटेरिया और दुकानें भी हैं। इस आरोग्य वन में कमल का तालाब, योग और ध्यान उद्यान, इनडोर प्लांट सेक्शन, डिजिटल सूचना केंद्र, दुकान और एक कैफेटेरिया भी है, जहाँ आयुर्वेदिक भोजन परोसा जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवडिया में 'एकता मॉल' और चिल्ड्रेन न्यूट्रिशन पार्क का भी उद्घाटन किया है। 

तमिलनाडु में मेडिकल पाठ्यक्रम में आरक्षण

तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) पास करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में 7.5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का कार्यकारी आदेश पारित किया है। ध्यातव्य है कि तमिलनाडु सरकार ने सितंबर माह में इस संबंध में विधेयक पारित किया था, किंतु अभी यह विधेयक राज्य के राज्यपाल के समक्ष लंबित है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था के मध्यम से राज्य की 300 से अधिक मेडिकल सीटें आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लोगों को मिल सकेंगी। नगरपालिका स्कूलों, आदिवासी कल्याण स्कूलों, कल्ला भर्ती स्कूलों, वन विभाग के स्कूलों और राज्य सरकार के विभागों द्वारा प्रबंधित अन्य स्कूलों से उच्चतर माध्यमिक तक की पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस आरक्षण की व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। 

‘सुमंगल’ पोर्टल

अंतर-जातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ‘सुमंगल’ नाम से एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है, जो कि अंतर-जातीय जोड़ों को आवेदन की तारीख से 60 दिनों के भीतर प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मदद करेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को मिलनी वाली प्रोत्साहन राशि को 1 लाख रुपए से बढाकर 2.5 लाख रुपए करने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह के विवाहों से सामाजिक समरसता में बढ़ोतरी होगी। ध्यातव्य है कि ओडिशा में अंतर्जातीय विवाह से संबंधित एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिये विवाह में एक पक्ष का उच्च जाति और दूसरे पक्ष का अनुसूचित जाति से होना अनिवार्य है। इसके अलावा विवाह को  हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत पंजीकृत होना भी अनिवार्य है।

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