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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 16 दिसंबर, 2020

  • 16 Dec 2020
  • 5 min read

सरदार वल्ल‍भभाई पटेल

15 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशक्त, सुदृढ़ और समृद्ध भारत की नींव रखने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 70वीं पुण्यतिथि पर श्रंद्धाजलि अर्पित की। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्तूबर, 1875 को गुजरात में हुआ था। उन्होंने लंदन जाकर कानून की शिक्षा प्राप्त की और वापस आकर भारत में वकालत करने लगे। वर्ष 1917 में वे महात्मा गांधी से मिले और गांधी जी से प्रेरित होकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए। वर्ष 1920 में सरदार पटेल गुजरात प्रदेश काॅन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने और उन्होंने शराबबंदी, छुआछूत एवं जातिगत भेदभाव आदि के विरुद्ध दृढ़ता से कार्य किया। वल्लभ भाई पटेल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्ष 1928 में गुजरात में एक प्रमुख किसान आंदोलन का नेतृत्त्व किया, जिसकी सफलता के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की गई थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय सरदार पटेल को तत्कालीन 562 रियासतों को स्वतंत्र भारत में शामिल करने का महत्त्वपूर्ण कार्य सौंपा गया था, जिसे उन्होंने बखूबी पूरा किया, जिसके कारण उन्हें 'भारत का लौह पुरुष' भी कहा जाता है। 15 दिसंबर, 1950 को बॉम्बे में उनका निधन हो गया। उन्हें वर्ष 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से गुजरात में ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ स्मारक बनाया गया है।

रोडम नरसिम्हा

14 दिसंबर, 2020 को प्रख्यात एयरोस्पेस वैज्ञानिक और पद्म विभूषण से सम्मानित रोडम नरसिम्हा का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। 20 जुलाई, 1933 को जन्मे प्रोफेसर रोडम नरसिम्हा ने एयरोस्पेस के क्षेत्र में काफी ख्याति हासिल की थी। उन्होंने वर्ष 1962 से वर्ष 1999 तक भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के शिक्षक के रूप में कार्य किया, साथ ही उन्होंने नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज़ (NAL) के निदेशक के पद पर भी कार्य किया था। एयरोस्पेस के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें वर्ष 2013 में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। रोडम नरसिम्हा ने भारत की विज्ञान नीतियों को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डाकपे (DakPay)

हाल ही में डाक विभाग (DoP) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से ‘डाकपे’ (DakPay) नामक एक नया डिजिटल भुगतान एप लॉन्च किया है। ज्ञात हो कि ‘डाकपे’ केवल एक डिजिटल भुगतान एप ही नहीं है, बल्कि देश भर में फैले डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से भारतीय डाक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) द्वारा प्रदान की जाने वाली डिजिटल वित्तीय और सहायक बैंकिंग सेवाओं का एक समूह है, जिसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डाक विभाग के तहत वर्ष 2018 में स्थापित किया गया था। इसमें भारत सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका उद्देश्य भारत के आम नागरिकों तक सुगम, सस्ती और विश्वसनीय बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

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