इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 15 अक्तूबर , 2020

  • 15 Oct 2020
  • 7 min read

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन 

हाल ही में तीन अंतरिक्ष यात्रियों की एक जोड़ी ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर केवल तीन घंटों में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station-ISS) पर पहुँचाने का रिकॉर्ड स्थापित किया है। नासा के अंतरिक्ष यात्री केट रूबिंस (Kate Rubins) और रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस (Roscosmos) के सर्गेई रेजिकोव (Sergey Ryzhiko) और कुद-सेवरचकोव (Sergey Kud-Sverchko), ने 14 अक्तूबर, 2020 को कजाखस्तान के बैकोनुर (Baikonur) से उड़ान भरी थी। ध्यातव्य है कि इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाने के लिये तकरीबन दोगुना समय लगता था। इस प्रकार ‘SoyuzMS17’ अंतरिक्ष यान विश्व का पहला ऐसा अंतरिक्ष यान बन गया है जिसने पृथ्वी की कक्षा के केवल दो चक्कर लगाए हैं। अंतरिक्ष स्‍टेशन एक ऐसा अंतरिक्ष यान होता है जिसमें चालक दल के सदस्‍यों के रहने की सुविधा होती है। इसे इस तरह से तैयार किया जाता है कि वह लंबे समय तक अंतरिक्ष में रह सके इसके अलावा इसमें अन्‍य अंतरिक्ष यान भी जुड़ सकते हैं। अभी तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station-ISS) जिसे वर्ष 1998 में अंतरिक्ष में स्‍थापित किया गया था विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय है। यह पृथ्वी की निम्न कक्षा में स्थापित सबसे बड़ा मानव निर्मित निकाय है।

अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी

15 अक्तूबर, 2020 को मलयालम के प्रसिद्ध कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी का 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 18 मार्च, 1926 को केरल में जन्मे अच्युतन नंबूदिरी ने बचपन में ही संस्कृत, संगीत और ज्योतिष की शिक्षा प्राप्त कर ली थी। ये एकमात्र जीवित कवि थे जिन्हें मलयालम का महाकवि (महान कवि) कहा जाता था। अपने कॅरियर के शुरुआती वर्षों में अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी का कम्युनिस्ट विचारक ई.एम.एस. नंबूदरीपाद (E.M.S. Namboodiripad) के साथ घनिष्ठ संबंध था। अपने संपूर्ण लेखन कॅरियर में उन्होंने कुल 47 किताबें लिखी थीं, जिनमें कविता, नाटक, लघु कहानी, निबंध और अनुवाद आदि शामिल थे। उन्होंने मासिक पत्रिका मंगलोदयम (Mangalodayam) एवं साप्ताहिक पत्रिका योगक्षेमम् (Yogakshemam) का सह-संपादक भी किया था। वर्ष 2017 में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। अच्युतन नंबूदिरी को वर्ष 2019 के लिये ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान

दिल्ली सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिये ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान (Red Light On, Gaadi Off) की शुरुआत की है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में तकरीबन 1 करोड़ पंजीकृत वाहन हैं, और यदि इनमें से 30-40 लाख वाहन भी एक दिन में सड़कों पर आते हैं और रेड लाइट होने पर इंजन बंद करते हैं तो इससे वायु प्रदूषण कम करने में काफी मदद मिल सकती है। एक अनुमान के अनुसार, यदि 10 लाख वाहन भी रेड लाइट पर इंजन बंद करते हैं, तो एक वर्ष के भीतर पीएम 10 (PM 10) के उत्सर्जन में 1.5 टन और पीएम 2.5 (PM 2.5) के उत्सर्जन में 0.4 टन की कमी हो सकती है। ध्यातव्य है कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में खास तौर पर प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण दिल्ली के आम निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक वृक्षारोपण नीति भी लागू की है। 

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर, 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उन्होंने वर्ष 2002 से वर्ष 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वे न केवल एक सुविख्यात एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे, बल्कि एक महान शिक्षक भी थे, जिन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ काम किया था। डॉ. कलाम वर्ष 1962 में ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ से जुड़े और वहाँ उन्हें प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (SLV- lll) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल है। अब्दुल कलाम भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं, वे ‘आम जनमानस के राष्ट्रपति’ के तौर पर प्रसिद्ध हैं। डॉ. कलाम ने अपने ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ के दर्शन से भारत समेत दुनिया भर के लाखों युवाओं को प्रेरित किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) डॉ. कलाम के जन्म दिवस को चिह्नित करते हुए वर्ष 2010 में 15 अक्तूबर को विश्व छात्र दिवस के रूप में नामित किया था। 

सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखते हो। 
सपना वो होता है जो आपको सोने नहीं देता।

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2
× Snow