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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 14 मार्च, 2023

  • 14 Mar 2023
  • 7 min read

कलक्कड़-मुंडनथुराई टाइगर रिज़र्व (KMTR) 

तमिलनाडु के शोधकर्त्ताओं ने कलक्कड़-मुंडनथुराई टाइगर रिज़र्व (KMTR) के बफर ज़ोन में भारत में पहली बार एक दुर्लभ कीट प्रजाति पाई है, इसे आखिरी बार 127 वर्ष पहले वर्ष 1893 में श्रीलंका में देखा गया था। माइमुसेमिया सीलोनिका एक कीट प्रजाति है जो उपप्रजाति अग्रिस्टिन और नोक्टुइडे समूह से संबंधित है। KMTR को वर्ष 1988 में मौज़ूदा और सन्निहित कलक्कड़ तथा मुंडनथुराई वन्यजीव अभयारण्यों को मिलाकर बनाया गया था। कलक्कड़-मुंडनथुराई को तमिलनाडु में पहला टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया था। यह पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग में स्थित है और इसमें आर्द्र सदाबहार वन हैं, यह 14 नदियों का जलग्रहण क्षेत्र है। यह अगस्त्यमाला बायोस्फीयर रिज़र्व का भी हिस्सा है। अगस्त्यमाला बायोस्फीयर रिज़र्व को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंज़र्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) द्वारा भारत में पौधों की विविधता और स्थानिकता के पाँच केंद्रों में से एक माना जाता है। बाघों के अतिरिक्त इस वन में सांभर, चित्तीदार हिरण, हाथी, तेंदुए, जंगली कुत्ते और बड़ी संख्या में पक्षियों की प्रजातियाँ, सरीसृप आदि पाए जाते हैं।

KMTR

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बहुपक्षीय अभ्यास ला पेरॉस

बहुपक्षीय अभ्यास ला पेरॉस का तीसरा संस्करण 13-14 मार्च, 2023 तक हिंद महासागर क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस संस्करण में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना, फ्राँसीसी नौसेना, भारतीय नौसेना, जापानी मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स, रॉयल नेवी और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के कर्मियों, जहाज़ों और इन्‍टग्रल हेलीकाप्टरों की भागीदारी रहेगी। यह द्विवार्षिक युद्धाभ्यास ‘ला पेरॉस’ फ्राँसीसी नौसेना द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य समुद्री क्षेत्र जागरूकता बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच समुद्रीय समन्वय को अधिकतम करना है। स्वदेश निर्मित गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि और फ्लीट टैंकर आईएनएस ज्योति युद्धाभ्यास के इस संस्करण में भाग लेंगे। इस युद्धाभ्यास में भारतीय नौसेना की भागीदारी मैत्रीपूर्ण नौसेनाओं के बीच उच्च स्तर के तालमेल, समन्वय और परस्‍पर संचालन के उच्‍च स्‍तरों तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कानून आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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और पढ़ें… हिंद-प्रशांत क्षेत्र 


ऑस्कर 

हाल ही में 95वें ऑस्कर में नाटू नाटू गीत को मोशन पिक्चर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत के लिये अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहला भारतीय गीत है और यह पुरस्कार जीतने वाला दूसरा भारतीय भाषा का गीत है। द एलिफेंट व्हिस्पर्स ने सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र लघु फिल्म का पुरस्कार जीता। ऑस्कर प्रतिमा, जो 13 1/2 इंच लंबी है और सोने से सजी है, विश्व में सबसे अधिक विख्यात ट्राफियों में से एक है। प्रतिमा जिसे आधिकारिक तौर पर मेरिट अकादमी पुरस्कार के रूप में जाना जाता है, ऑस्कर के रूप में प्रसिद्ध है। इस उपनाम को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 1939 में अपनाया था।

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ड्रैगन फ्रूट  

एकीकृत बागबानी विकास मिशन (MIDH) के तहत विदेशी और विशिष्ट क्षेत्र के फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिये चिह्नित संभावित क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिये एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। कमलम् के लिये MIDH के तहत क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य 5 वर्षों में 50,000 हेक्टेयर है।

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कमलम् या ड्रैगन फ्रूट व्यापक रूप से पिताया के रूप में जाना जाता है, यह दक्षिणी मैक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका मूल का है। इसकी खेती व्यापक रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत, अमेरिका, कैरेबियन द्वीप समूह, ऑस्ट्रेलिया में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र में की जाती है। इसे "21वीं सदी का चमत्कारिक फल" भी कहा जाता है।

ड्रैगन फ्रूट हिलोसेरियस कैक्टस पर उगता है, जिसे होनोलूलू क्वीन के नाम से भी जाना जाता है। फिलहाल, भारत में कमलम् फल की खेती सीमित है और कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, अंडमान तथा निकोबार द्वीप, मिज़ोरम एवं नगालैंड के किसानों के द्वारा इसकी खेती की जाती है। 

इसे कई नामों से जाना जाता है, जिनमें पिताया, पिठैया और स्ट्रॉबेरी नाशपाती शामिल हैं। दो सबसे आम प्रकारों के छिलके चमकदार लाल रंग की होती है जिसका ऊपरी सिरा हरे रंग का होता है जो एक ड्रैगन के समान दिखाई देती है। सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध किस्म में काले बीजों के साथ सफेद गूदा होता है, हालाँकि लाल गूदे और काले बीजों के साथ एक कम सामान्य प्रकार भी मौजूद है। फल मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें कम कैलोरी और आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों की अधिकता होती है।

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