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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 05 सितंबर, 2020

  • 05 Sep 2020
  • 6 min read

शिक्षक दिवस

राष्ट्र के योगदान में शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में शिक्षक दिवस भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, दूसरे राष्ट्रपति और शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुट्टनी में हुआ था और वे वर्ष 1962 में भारत के राष्ट्रपति बने थे और वे वर्ष 1967 तक इस पद पर रहे थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को एक शिक्षक के साथ-साथ एक प्रसिद्ध दार्शनिक और राजनेता के रूप में भी जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिये कुल 16 बार और नोबेल शांति पुरस्कार के लिये कुल 11 बार नामांकित किया गया था। 16 अप्रैल, 1975 को चेन्नई में उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर विद्यार्थी अपने-अपने तरीके से शिक्षकों के प्रति आदर और सम्मान प्रकट करते हैं। ध्यातव्य है कि विश्व शिक्षक दिवस प्रत्येक वर्ष 5 अक्तूबर को मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 20वीं सदी के महानतम विचारकों में से एक होने के साथ-साथ भारतीय समाज में पश्चिमी दर्शन को प्रस्तुत करने के लिये भी याद किया जाता है। 

‘फ्यूचर बिज़नेस ग्रुप’ पहल

हाल ही में भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry-CII) ने गत कुछ वर्षों में शुरू हुए व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से ‘फ्यूचर बिज़नेस ग्रुप’ नाम से एक पहल शुरू की है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के साथ मिलकर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) इस पहल के हिस्से के रूप में 'भविष्य के व्यवसायों के लिये राष्ट्रीय रणनीति' का निर्णय करेगा। नए व्यवसायों की सहायता करने के लिये इस पहल के तहत उन्हें नीतिगत इनपुट प्रदान किया जाएगा, उनके लिये नए विकास खंडों की पहचान की जाएगी और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी स्थापित की जाएगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) सलाहकार और परामर्श संबंधी प्रक्रियाओं के माध्यम से भारत के विकास, उद्योग, सरकार और नागरिक समाज के बीच साझेदारी के लिये अनुकूल वातावरण बनाने का काम करता है। CII एक गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी, उद्योगों को नेतृत्व प्रदान करने वाला और उद्योग-प्रबंधित संगठन है जो भारत की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 

बांग्लादेश की हिंदू विधवा महिलाओं को पति की संपत्ति में अधिकार

बांग्लादेश की एक शीर्ष अदालत ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बांग्लादेश में हिंदू विधवाओं का अपने मृत पति की कृषि और गैर-कृषि भूमि दोनों पर अधिकार होगा। बांग्लादेश की शीर्ष अदालत ने कहा कि चूँकि कृषि और गैर-कृषि भूमि कोई अंतर नहीं है, इसलिये हिंदू विधवा महिलाओं को अपने पति की हर तरह की भूमि पर पूरा अधिकार है। वर्तमान नियमों के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू विधवा महिलाओं को अपने मृत जीवनसाथी की वास भूमि (Homestead property) में ही हिस्सा मिलता है, इसके अलावा उन्हें किसी अन्य संपत्ति जैसे गैर-कृषि योग्य भूमि आदि प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही हिंदू महिलाओं को अपने जीवनकाल में इस प्रकार की संपत्ति को बेचने का भी अधिकार प्राप्त होगा। 

विमानन कंपनियों को 60 प्रतिशत घरेलू उड़ानों की मंज़ूरी

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर लागू किये गए प्रतिबंधों को आसान करते हुए सरकार ने भारतीय विमानन कंपनियों को 60 प्रतिशत घरेलू उड़ानों की मंज़ूरी दे दी है। उम्मीद है कि सरकार के इस निर्णय से भारतीय विमानन कंपनियों के राजस्व में कुछ बढ़ोतरी होगी और विमानन क्षेत्र को संकट से बचाया जा सकेगा। ध्यातव्य है कि इससे पूर्व 26 जून, 2020 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को 45 प्रतिशत घरेलू उड़ानों को संचालित करने की अनुमति दी थी। वहीं दूसरी ओर महामारी के कारण 23 मार्च से देश में सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह से निलंबित हैं। हालाँकि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'वंदे भारत मिशन' (Vande Bharat Mission) के तहत अभी भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा है, वहीं भारत सरकार ने जुलाई के बाद से कई देशों के साथ ‘एयर बबल’ शुरू करने के लिये समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं।

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