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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 05 अगस्त, 2022

  • 05 Aug 2022
  • 5 min read

मिशन भूमिपुत्र

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 अगस्त, 2022 को ‘मिशन भूमिपुत्र’ पोर्टल का अनावरण किया। इस मिशन के तहत छात्रों को डिजिटल जाति प्रमाणपत्र सरल और डिजिटल तरीके से जारी किये जाएंगे। आदिवासी मामलों के विभाग और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा कार्यान्वित इस मिशन को जनता को आसान सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा लागू किया गया है। यह मिशन जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मैनुअल प्रणाली को खत्म कर देगा। आईटी एक्ट के तहत जाति प्रमाणपत्र अब डिजी लॉकर में प्राप्त हो सकेगा। इसे संबंधित उपायुक्तों द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस पोर्टल का उपयोग कक्षा 8वीं के छात्र वर्ष 2023 से जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिये कर सकते हैं। यह पोर्टल मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड के अनुरूप होगा तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने में सक्षम बनाएगा।

‘राष्ट्रीय युवा और विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत 4 अगस्त, 2022 को  ‘नशे से आाज़ादी-राष्ट्रीय युवा और विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नशा मुक्त भारत अभियान के नाम से एक प्रमुख अभियान चला रहा है। इसे 15 अगस्त, 2020 को भारत के 272 ज़िलों में शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन से संबंधित विकार देश के सामाजिक संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली एक गंभीर समस्या है।  नशा मुक्त भारत अभियान न केवल संस्थागत सहयोग पर बल्कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के माध्यम से पहचाने गए ज़िलों में सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों  (community outreach programmes) पर भी ध्यान केंद्रित करता है। इस अभियान के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों के लिये धन जुटाने तथा युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिये स्कूलों तथा कॉलेजों में नशा मुक्ति अभियान को संचालित किया जाता  है। इस अभियान में जागरूकता सृजन कार्यक्रम, समुदाय की आउटरीच और दवाओं पर निर्भर आबादी की पहचान, उपचार सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ सेवा-प्रदाताओं के लिये क्षमता-निर्माण कार्यक्रम को शामिल किया गया हैं। नशीली दवा की माँग में कमी लाने के लिये सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के सभी पहलुओं की निगरानी का कार्य  करता है।

चिराग योजना

हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के शिक्षा विभाग में चिराग योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा सरकार आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाने हेतु आर्थिक मदद देगी। चिराग योजना का अर्थ है "मुख्यमंत्री समान शिक्षा राहत, सहायता और अनुदान"। अर्थात इस योजना के तहत दूसरी कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के लिये निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने हेतु मुख्यमंत्री समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान प्रदान करेगी। वर्ष 2007 में भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार द्वारा शुरू की गई इसी तरह की योजना को बदल दिया गया है। यह योजना हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 के नियम 134 ए के अनुसार शुरू की गई थी लेकिन नए शिक्षा सत्र में राज्य सरकार नियम-134ए को खत्म कर उसकी जगह पर चिराग योजना को अपनाएगी। हालाँकि इस योजना की पात्रता हेतु माता-पिता की वार्षिक सत्यापित आय 1.8 लाख रुपेए से कम होनी चाहिये।

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