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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 02 दिसंबर, 2023

  • 02 Dec 2023
  • 5 min read

भारतीय नौसेना के लिये तीन पनडुब्बी रोधी युद्धक जहाज़

कोच्चि ने भारतीय नौसेना के लिये बनाए जा रहे 08 X ASW शैलो वॉटर क्राफ्ट (CSL) परियोजना के प्रथम तीन जहाज़ों माहे, मालवन और मंगरोल को CSL, कोच्चि में लॉन्च किया।

  • ये जहाज़ अभय श्रेणी के ASW कार्वेट को प्रतिस्थापित करने और पनडुब्बी रोधी अभियानों, तटीय रक्षा, बारूदी खदान बिछाने तथा उप-सतही निगरानी में उत्कृष्टता हासिल करने के लिये तैयार हैं।
  • वे 25 समुद्री मील की अधिकतम गति क्षमता प्रदर्शित करते हैं और इन्हें खोज तथा बचाव मिशन में कुशल होने के साथ-साथ विमान के साथ समन्वित ASW संचालन के लिये डिज़ाइन किया गया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने असोला अभयारण्य में 'वॉक विद वाइल्डलाइफ' कार्यक्रम की जाँच की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के वन विभाग द्वारा असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में प्रस्तावित "वॉक विद वाइल्डलाइफ" कार्यक्रम के संबंध में चिंता जताई है।

  • तेंदुओं सहित अभयारण्य के जीवों की सटीक गिनती की कमी के संबंध में सवाल उठे, जिससे वन्यजीवों की संख्या जाने बिना लोगों को वन्यजीवों से परिचित कराने के बारे में न्यायालय को संदेह हुआ।
    • साथ ही ऐसे स्थानों को कोर और बफर क्षेत्रों में विभाजित करने की भी आवश्यकता है। हालाँकि अभयारण्य में ऐसा कोई सीमांकन नहीं है।
  • दिल्ली-हरियाणा सीमा पर अरावली पहाड़ी शृंखला के दक्षिणी दिल्ली रिज पर 32.71 वर्ग किमी क्षेत्र को शामिल करने वाला असोला-भट्टी वन्यजीव अभयारण्य दक्षिणी दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा राज्य के फरीदाबाद और गुरुग्राम ज़िलों के उत्तरी हिस्सों में स्थित है।

और पढ़ें…असोला वन्यजीव अभयारण्य

40वें तटरक्षक कमांडरों का सम्मेलन

  • हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री ने 40वें तटरक्षक कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
  • ICG की स्थापना वर्ष 1978 में तटरक्षक अधिनियम, 1978 द्वारा भारत के एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में की गई थी।

    • विश्व के चौथे सबसे बड़े तटरक्षक बल के रूप में ICG ने भारतीय तटों को सुरक्षित करने और भारत के समुद्री क्षेत्रों में नियमों को लागू करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है

कोर सेक्टर का त्वरित विकास

  • भारत के कोर सेक्टर में सितंबर में 9.2% की संशोधित वृद्धि के साथ अक्टूबर में 12.1% की वृद्धि हुई।
  • सभी आठ क्षेत्रों में 18 महीनों में केवल तीसरी बार सकारात्मक वृद्धि देखी गई और उनमें से पाँच में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में कोर सेक्टर का हिस्सा 40% से थोड़ा अधिक है।
    • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) एक सूचकांक है जो एक निश्चित अवधि में अर्थव्यवस्था के विभिन्न उद्योग समूहों में विकास दर को दर्शाता है।
  • विद्युत उत्पादन में वृद्धि कोयला क्षेत्र द्वारा समर्थित मज़बूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देती है। उपभोक्ता वस्तुओं के प्रदर्शन के आधार पर अक्तूबर में औद्योगिक उत्पादन (IIP) की वृद्धि 6% से 8% के बीच रहने का अनुमान है।
  • इस महीने रबी फसल की बुआई के चलते उर्वरक उत्पादन में वृद्धि हुई है, जबकि नकारात्मक आधार प्रभाव और आवास क्षेत्र में तेज़ी दोनों के कारण सीमेंट उद्योग में वृद्धि देखी गई है
    • आधार प्रभाव वह प्रभाव है जो दो डेटा बिंदुओं के बीच तुलना के परिणाम पर पड़ सकता है यदि भिन्न-भिन्न संदर्भ बिंदु चुने जाते हैं।

और पढ़ें… औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP)

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