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प्रारंभिक परीक्षा

सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित मिसाइल प्रणाली

  • 09 Feb 2023
  • 6 min read

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की जा रही स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित मिसाइल प्रणाली (Quick Reaction Surface to Air Missile System- QRSAM) का अप्रैल 2023 में फिर से परीक्षण किया जाना है।

  • साथ ही DRDO द्वारा इज़रायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (IAI) के सहयोग से एक मध्यम रेंज मिसाइल (SAM) विकसित किया जा रहा है। यह आर्मी संस्करण का पहला लॉन्च दिसंबर 2020 में किया गया था और इसका प्रशिक्षण चालू है तथा यह तैनाती के लिये तैयार है।

QRSAM:

  • परिचय:
    • QRSAM एक कनस्तर आधारित प्रणाली है, जिसका अर्थ है कि इसे विशेष रूप से डिज़ाइन किये गए खंडों द्वारा संग्रहीत और संचालित किया जाता है।
      • कनस्तर में आंतरिक वातावरण नियंत्रण प्रणाली होती है, इस प्रकार इसके परिवहन और भंडारण को आसान बनाने के साथ-साथ हथियारों की शेल्फ लाइफ में भी काफी सुधार होता है।
    • इस प्रणाली में छोटे पड़ावों के साथ लक्ष्यों को संलग्न करने और गतिमान लक्ष्यों का पता लगाने तथा उन्हें ट्रैक करने की क्षमता है।

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  • रेंज और गतिशीलता:
    • यह एक कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) प्रणाली है, जिसे मुख्य रूप से DRDO द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया है ताकि दुश्मन के हवाई हमलों से सेना के बख्तरबंद क्षेत्रों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके।
    • संपूर्ण हथियार प्रणाली को एक मोबाइल और चलने योग्य प्लेटफॉर्म पर आकार प्रदान किया गया है और यह गतिशील अवस्था में भी वायु रक्षा प्रदान करने में सक्षम है।
    • इसे सेना में शामिल करने के लिये डिज़ाइन किया गया है और इसकी सीमा 25 से 30 किलोमीटर है।
    • इसे सेना में शामिल करने के लिये डिज़ाइन किया गया है और इसकी सीमा 25 से 30 किलोमीटर है।
  • कार्य पद्धति:
    • QRSAM हथियार के साथ चलायमान अवस्था में कार्य करता है, जिसमें पूरी तरह से स्वचालित कमांड और नियंत्रण प्रणाली शामिल है।
      • इसमें एक लॉन्चर के साथ दो रडार- एक्टिव एरे बैटरी सर्विलांस रडार और एक्टिव एरे बैटरी मल्टीफंक्शन रडार भी शामिल हैं।
    • दोनों रडार में "सर्च ऑन मूव" और "ट्रैक ऑन मूव" क्षमताओं के साथ 360-डिग्री कवरेज है।
    • यह प्रणाली कॉम्पैक्ट है, जो एकल चरण सॉलिड प्रोपेल्ड मिसाइल का उपयोग करती है तथा इसमें DRDO द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित सिंगल स्टेज सॉलिड प्रोपेल्ड मिसाइल दोतरफा डेटा-लिंक और खोज करने वाले सक्रिय टर्मिनल के साथ मिडकॉर्स इनर्सियल नेविगेशन प्रणाली है।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न: 

प्रश्न. कभी-कभी समाचारों में उल्लिखित टर्मिनल हाई ऑल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) क्या है? (2018)

(a) इज़रायल की एक रडार प्रणाली
(b) भारत का घरेलू मिसाइल प्रतिरोधी कार्यक्रम
(c) अमेरिकी मिसाइल प्रतिरोधी प्रणाली
(d) जापान और दक्षिण कोरिया के बीच एक रक्षा सहयोग

उत्तर: (c)

व्याख्या:

  • अमेरिका की थाड (THAAD) मिसाइल प्रणाली मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी उड़ान के शुरुआती दौर में ही गिराने के लिये डिज़ाइन की गई है।
  • इसमे वायुमंडल के अंदर और बाहर मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की क्षमता है।
  • यह अन्य बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों के साथ इंटरऑपरेबल है और विश्व भर में अत्यधिक गतिशील एवं तैनाती योग्य है।
  • अतः विकल्प (c) सही उत्तर है।

प्रश्न: अग्नि-IV प्रक्षेपास्त्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (2014)

  1. यह धरातल-से-धरातल पर मार करने वाला प्रक्षेपास्त्र है।
  2. इसमें केवल द्रव्य नोदक ईधन के रूप में इस्तेमाल होता है।
  3. यह एक टन नाभिकीय वार हेड लगभग 7500 किमी. दूरी तक फेंक सकता है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)

व्याख्या:

  • अग्नि- IV भारत की परमाणु-संपन्न लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल/प्रक्षेपास्त्र है, जिसकी मारक क्षमता 4,000 किमी. है।
  • स्वदेश निर्मित अग्नि- IV सतह-से-सतह पर मार करने वाली दो चरणों वाली मिसाइल है। यह 17 टन वज़न के साथ 20 मीटर लंबी है। अत: कथन 1 सही है।
  • यह दो चरणों वाली ठोस ईंधन प्रणाली है जो एक टन के परमाणु हथियार को 4,000 किलोमीटर की दूरी तक ले जा सकती है। अत: कथन 2 और 3 सही नहीं हैं।
  • अत: विकल्प (a) सही है।

स्रोत: द हिंदू

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