रैपिड फायर
राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल
- 09 Mar 2026
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पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति ने अपने कार्यक्रम में राज्य की मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया, जिसके कारण प्रोटोकॉल उल्लंघन और अपमान के आरोपों के साथ एक राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ।
राज्यों में राष्ट्रपति के स्वागत हेतु प्रोटोकॉल
- वरीयता एवं प्रोटोकॉल: राष्ट्रीय वरीयता तालिका में भारत के राष्ट्रपति का सर्वोच्च स्थान है। इसके परिणामस्वरूप, राष्ट्रपति की सभी यात्राएँ ब्लू बुक में सूचीबद्ध कड़े सुरक्षा एवं रसद संबंधी दिशानिर्देशों के अधीन होती हैं।
- 'ब्लू बुक': 'ब्लू बुक' केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया एक गोपनीय प्रलेख है जो राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्राओं के प्रबंधन के लिये विस्तृत ढाँचा प्रदान करता है।
- इसे ज़िला मजिस्ट्रेट और ज़िला पुलिस प्रमुख द्वारा रखा जाता है, जिसमें सुरक्षा, रसद और औपचारिक व्यवस्थाओं के लिये सभी प्रक्रियाओं का विवरण होता है।
- स्थापित परंपरा: प्रोटोकॉल के अनुसार राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति के आगमन पर (आमतौर पर हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन अथवा अन्य प्रवेश बिंदु पर) उनका स्वागत करना चाहिये तथा प्रस्थान के समय उन्हें विदा करना चाहिये।
- हालाँकि, यदि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो वे किसी वरिष्ठ मंत्री को प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त कर सकते हैं।
- पूर्व अनुमोदन: किसी भी प्रोटोकॉल उल्लंघन से बचने के लिये राष्ट्रपति के स्वागत तथा उनसे भेंट करने वाले सभी व्यक्तियों की सूची को राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा पूर्व में अनुमोदित किया जाता है। स्वीकृत सूची अथवा ब्लू बुक में निर्धारित प्रक्रियाओं से किसी भी प्रकार का विचलन प्रोटोकॉल उल्लंघन माना जाता है।
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