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प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 25 फरवरी, 2019

  • 25 Feb 2019
  • 6 min read

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान

हाल ही में नासा की फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (NASA-FIRMS) ने बांदीपुर नेशनल पार्क के हिमवद गोपालस्वामी बेट्टा रेंज में आग की 32 घटनाओं का पता लगाया है।

  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान को भारत के सबसे खूबसूरत और बेहतरीन प्रबंधन वाले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक माना जाता है।
  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक में मैसूर–ऊटी राजमार्ग पर पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच स्थित है। बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान करीब 874.2 वर्ग किमी. इलाके में फैला है।
  • पार्क उत्तर में काबिनी नदी और दक्षिण में मोयार नदी से घिरा हुआ है। नुगु नदी पार्क से होकर गुज़रती है।
  • प्रोजेक्ट टाइगर के तहत वर्ष 1973 में इसे टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया था।
  • यह नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान, मुदुमलाई राष्ट्रीय उद्यान और वायनाड वन्यजीव अभयारण्य के साथ नीलगिरि जीवमंडल रिज़र्व का एक हिस्सा है जो इसे दक्षिण भारत में सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र और दक्षिण एशिया में जंगली हाथियों का सबसे बड़ा निवास स्थान बनाता है।
  • इसमें शुष्क पर्णपाती जंगल, नम पर्णपाती जंगल और झाड़ीदार क्षेत्र सहित विभिन्न प्रकार के बायोम हैं।
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फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम

नासा का फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (Fire Information for Resource Management System-FIRMS) नासा के ही मॉडरेट रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर (Moderate Resolution Imaging Spectroradiometer-MODIS) और विज़िबल इन्फ्रारेड इमेजिंग रेडियोमीटर सुइट (Visible Infrared Imaging Radiometer Suite-VIIRS) की सहायता से सैटेलाइट के गुज़रने के 3 घंटे के भीतर नियर रियल टाइम (Near Real Time-NRT) सक्रिय अग्नि डेटा प्रदान करता है।


केरल इको- टूरिज़्म सर्किट

हाल ही में केरल पर्यावरण-पर्यटन विभाग ने राज्य में ‘इको-टूरिज़्म सर्किट: पठनमथिट्टा-गवी-वागामोन-थेक्‍कडी’ की शुरुआत की है। यह सर्किट केरल के दस स्थानों को जोड़ेगा।

  • इन स्थानों में नेय्यर, पोनमुडी, थेन्मला, कोनी, गवी, थेक्कडी, मुन्नार, चिन्नार, परम्बिकुलम और नेल्लिमथी शामिल हैं।
  • सर्किट में शामिल पोनमुडी में ‘कैनोपी वाक-वे’ देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है।
  • थेन्मला में मीठे पानी के एक्वेरियम, व्याख्या केंद्र और शिविर की सुविधा विकसित की जाएगी।
  • कोनी में हाथी संग्रहालय और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी तथा पठनमथिट्टा ज़िले के गवी में नौका विहार और जंगल शिविर के लिये सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
  • पेरग्राम वन्यजीव अभयारण्य में गतिविधियों का मुख्य आकर्षण ‘कलाग्राम’ है जो सर्किट की मुख्य गतिविधियों को प्रदर्शित करेगा।
  • चिन्नार वन्यजीव अभयारण्य में ट्रेकिंग ट्रेल्स और परम्बिकुलम में वन्यजीव सफारी की सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
  • पर्यावरण का संरक्षण, सतत निर्वाह, पर्यावरणीय शिक्षा एवं स्थानीय समुदाय को लाभ पहुँचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  • परियोजना को वन विकास एजेंसियों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा।

शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान योजना

हाल ही में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले के कुछ किसानों को 2000 रुपए की पहली किस्त प्रदान की।

  • इस योजना की पहली क़िस्त मार्च के अंत तक सभी किसानों को उनके खाते में उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है।
  • प्रधानमंत्री ने इस योजना को आधिकारिक रूप से शुरू करते हुए चुने हुए कुछ किसानों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना

  • 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित आय सहायता उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना लॉन्च की है।
  • इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक भूमि की छोटी जोत वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपए प्रतिवर्ष की दर से प्रत्यक्ष आय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 6000 रूपए की यह आय सहायता 2,000 रुपए की तीन समान किस्तों में लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित कर दी जाएगी।
  • इस कार्यक्रम का वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम से लगभग 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसान परिवारों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।
  • यह कार्यक्रम 1 दिसंबर, 2018 से लागू किया गया है तथा 31 मार्च, 2019 तक की अवधि के लिये पहली किस्त का इसी वर्ष के दौरान भुगतान कर दिया जाएगा।
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