रैपिड फायर
ओटावा कन्वेंशन से पोलैंड बाहर
- 21 Feb 2026
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पोलैंड ने वर्ष 1997 के एंटी‑पर्सनल माइन बैन ट्रीटी (ओटावा कन्वेंशन) से आधिकारिक रूप से हटते हुए वर्ष 2012 में हुई ट्रीटी का अनुसमर्थन करने और वर्ष 2016 में अपने भंडार नष्ट कर देने के बाद की गई अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को उलट दिया है।
- भू-राजनीतिक तर्क: यह कदम यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस (कैलिनिनग्राद) और बेलारूस के साथ सीमाओं पर एक किलेबंदी प्रणाली, 'ईस्टर्न शील्ड' को सुरक्षित करने की आवश्यकता से प्रेरित है।
- ओटावा कन्वेंशन (1997): यह कनाडा‑नेतृत्व वाले ओटावा प्रक्रिया से उभरी, जो वर्ष 1980 के कन्वेंशन ऑन सर्टेन कन्वेंशनल वेपंस के पहले पुनरीक्षण सम्मेलन के बाद शुरू हुई, क्योंकि वह एंटी‑पर्सनल माइन पर सख्त प्रतिबंध लगाने में विफल रहा था।
- ओटावा कन्वेंशन नागरिकों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव के कारण एंटी-पर्सनल माइंस के उपयोग, भंडारण, उत्पादन और हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाता है।
- लैंडमाइंस के प्रकार: लैंडमाइंस मुख्य रूप से एंटी-पर्सनल और एंटी-व्हीकल (एंटी-टैंक) होती हैं; जबकि एंटी-पर्सनल माइंस ओटावा कन्वेंशन के तहत प्रतिबंधित हैं, एंटी-टैंक माइंस प्रतिबंधित नहीं हैं और 'कन्वेंशन ऑन सर्टेन कन्वेंशनल वेपंस (CCW), 1980' – संशोधित प्रोटोकॉल II (1996) के तहत विनियमित हैं।
- घरेलू उत्पादन: पोलैंड स्थानीय उत्पादकों के सहयोग से एंटी-पर्सनल और एंटी-टैंक दोनों प्रकार की लैंडमाइंस का घरेलू निर्माण शुरू करके आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहता है।
- पोलैंड सरकार ने कहा है कि माइंस का अभी भंडारण ही रहेगा जिन्हें नागरिकों के जोखिम को कम करने के लिये केवल "आक्रमण के यथार्थवादी खतरे" की स्थिति में ही प्रयोग किया जाएगा।
- क्षेत्रीय रुझान: यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से पड़ोसी देशों ने इस संधि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का पुनर्मूल्यांकन किया है।
- पोलैंड ने फिनलैंड, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और यूक्रेन के साथ मिलकर संधि से हटने की घोषणा की है।
- वैश्विक संदर्भ: भारत, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका उन लगभग तीन दर्ज़न देशों में शामिल हैं जिन्होंने कभी भी ओटावा संधि को स्वीकार नहीं किया है।
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