रैपिड फायर
NBDSA द्वारा सांप्रदायिक आचार संहिता उल्लंघनों की पहचान
- 05 Feb 2026
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हाल ही में सामने आए आँकड़ों से पता चला है कि पिछले तीन वर्षों में समाचार प्रसारण और डिजिटल मानक प्राधिकरण (NBDSA) द्वारा पारित लगभग 60% आदेश निजी टीवी और डिजिटल समाचार प्रसारकों द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द संबंधी आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित पाए गए।
समाचार प्रसारण और डिजिटल मानक प्राधिकरण (NBDSA)
- परिचय: यह न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय है, जो भारत के निजी टीवी और डिजिटल समाचार प्रसारकों का प्रतिनिधित्व करता है और अपने सदस्यों द्वारा ही वित्तपोषित है।
- दायित्व एवं रूपरेखा: यह न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2008 के अंतर्गत निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, संतुलन, शालीनता और ज़िम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन सुनिश्चित करता है, जिसमें सांप्रदायिक सौहार्द तथा नैतिक समाचार प्रस्तुति पर विशेष ज़ोर दिया जाता है।
- शक्तियाँ एवं अधिकार क्षेत्र: NBDSA समाचार प्रसारणों से सबंधित शिकायतों का निस्तारण करता है। यह स्वतः संज्ञान (suo motu) लेकर या व्यक्तियों तथा सरकारी संस्थाओं की शिकायतों पर कार्रवाई कर सकता है और चेतावनी जारी करने, फटकार लगाने, सामग्री में बदलाव या उसे हटाने का निर्देश देने, दंड आरोपित करने अथवा आचार संहिता के उल्लंघन न पाए जाने पर शिकायत को खारिज करने का अधिकार रखता है।
- संरचना: इस निकाय का नेतृत्व एक अध्यक्ष करता है, जो एक प्रतिष्ठित न्यायविद् होना चाहिये। इसके सदस्य समाचार संपादकों तथा कानून, शिक्षा, साहित्य एवं लोक प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञ होते हैं, जिनका चयन बोर्ड के बहुमत द्वारा किया जाता है।
- दंड एवं शिकायत निवारण: यह द्वि-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था का पालन करता है, जिसके तहत शिकायतकर्त्ता को पहले संबंधित प्रसारक से संपर्क करना होता है और उसके बाद ही प्राधिकरण के समक्ष अपील की जा सकती है।
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