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भारत का LPG से PNG की ओर हस्तांतरण

  • 03 Apr 2026
  • 43 min read

स्रोत: द हिंदू 

चर्चा में क्यों?

भारत रणनीतिक रूप से घरेलू खाना पकाने के लिये लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से बदलने के लिये आगे बढ़ रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके, विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बाद जिसने LPG आपूर्ति शृंखलाओं में भेद्यता को उजागर किया।

LPG और PNG से संबंधित मुख्य तथ्य क्या हैं?

  • परिचय: LPG को प्रोपेन और ब्यूटेन के मिश्रण से बनाया जाता है। यह मॉडरेट प्रेशर में लिक्विफाइड होती है, इसे सिलेंडरों में संगृहीत किया जाता है जो हवा की तुलना में भारी होती है।
    • PNG मीथेन का अपररूप है, इसे कम दाब पर पाइपलाइनों के माध्यम से सीधे घरों/उद्योगों में वितरित किया जाता है। यह हवा की तुलना में हल्की होती है।
  • आपूर्ति और रसद: LPG को दाबयुक्त सिलेंडरों में वितरित किया जाता है। इसमें बॉटलिंग प्लांट, डिस्ट्रीब्यूटर और डिलीवरी कर्मियों की एक जटिल आपूर्ति शृंखला शामिल होती है। इसके लिये मैन्युअल बुकिंग की आवश्यकता होती है।
    • जबकि PNG की सप्लाई एक जालीदार पाइपलाइन नेटवर्क (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) के माध्यम से की जाती है। यह जल या बिजली के समान, एक अबाधित 24/7 की आपूर्ति प्रदान करता है, जिससे "अंतिम समय पर बुकिंग" की चिंता समाप्त हो जाती है।
  • दक्षता: हालाँकि LPG का कैलोरी मान अधिक होता है (यह तेज़ी से गर्म करता है), PNG निरंतर प्रवाह प्रणाली में अधिक कुशल है। हालाँकि, PNG के साथ LPG स्टोव का उपयोग करने के लिये नोज़ल परिवर्तन (रेट्रोफिटिंग) की आवश्यकता होती है, जो यदि सही ढंग से नहीं किया जाता है तो थर्मल दक्षता कम कर सकता है।
  • भारत में LPG और PNG:
    • भारत में LPG और PNG का इतिहास: LPG को पहली बार वर्ष 1955 में मुंबई में बर्मा शेल ऑयल कंपनी द्वारा ब्रैंड बर्शेन के तहत पेश किया गया था, इसके बाद वर्ष 1965 में पहला संगठित वितरण हुआ जब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कोलकाता में अपना इंडेन कनेक्शन लॉन्च किया।
      • इसकी शुरुआत बलिया में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के साथ हुई, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य और ग्रामीण सशक्तीकरण के लिये LPG पहुँच को बढ़ाया।
      • इसी दौरान PNG के संदर्भ में वडोदरा एक अग्रणी शहर के रूप में सामने आया, जिसने 1970 के दशक में ही घरेलू उपयोग के लिये शहर-स्तरीय पाइप्ड प्राकृतिक गैस नेटवर्क लागू करने की शुरुआत की।
    • वर्तमान स्थिति: भारत में लगभग 33 करोड़ LPG कनेक्शन हैं, जबकि यदि पूर्ण रूप से बदलाव किया जाए तो घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन लगभग 30 करोड़ PNG कनेक्शनों का समर्थन करने की क्षमता रखता है।
      • हालाँकि PNG की पहुँच अभी लगभग 1.5 करोड़ कनेक्शनों तक सीमित है, जिसे वर्ष 2034 तक बढ़ाकर 12 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
    • आपूर्ति और उत्पादन परिदृश्य: भारत अपनी LPG खपत का लगभग 60% आयात करता है, और उन आयातों का लगभग 90 प्रतिशत सामान्यतः होर्मुज़़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है जो वर्तमान परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुआ है। वहीं, सरकारी उपायों के परिणामस्वरूप घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 25% की वृद्धि हुई है।
      • दूसरी ओर भारत की घरेलू PNG की आपूर्ति मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी बेसिन, असम और त्रिपुरा के गैस क्षेत्रों से होती है।
        • पूर्वी तट के समीप स्थित गहरे समुद्री कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन को प्रमुख और सबसे बड़े योगदानकर्त्ता के रूप में माना जाता है।

LPG

प्राकृतिक गैस के अन्य रूप

PNG के अलावा प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल और सप्लाई कई अन्य तरीकों से भी की जाती है, जो अलग-अलग औद्योगिक और परिवहन ज़रूरतों पर आधारित होते हैं।

  • CNG (संपीडित प्राकृतिक गैस): 
    • निर्माण: प्राकृतिक गैस (मीथेन) को मानक वायुमंडलीय दबाव पर उसके आयतन के 1% से भी कम तक संपीडितकिया जाता है।
    • मुख्य उपयोग: परिवहन के लिये ईंधन (बस, कार और ऑटो में)।
  • LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस):
    • निर्माण: प्राकृतिक गैस को लगभग -162°C (-260°F) तक ठंडा करके इसे साफ, रंगहीन तरल में परिवर्तित किया जाता है।
    • मुख्य उपयोग: विशेष टैंकरों के माध्यम से समुद्र के पार लंबी दूरी तक परिवहन।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. घरेलू सेटिंग्स में PNG पर LPG का प्रमुख सुरक्षा लाभ क्या है?
PNG हवा से हल्का होने के कारण रिसाव होने पर तेज़ी से फैल जाता है, जबकि LPG हवा से भारी होने के कारण फर्श के स्तर पर जमता है, जिससे इसके संचय और विस्फोट का जोखिम अधिक होता है।

2. LPG का उत्पादन प्राकृतिक गैस से मूलतः कैसे भिन्न है?
LPG कच्चे तेल की रिफाइनिंग और प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण दोनों से प्राप्त सह-उत्पाद है, जबकि PNG मुख्यतः गैस क्षेत्रों या कोल बेड मीथेन (CBM) से सीधे प्राप्त मीथेन है।

3. होर्मुज़ जलडमरूमध्य भारत की LPG आपूर्ति शृंखला के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
भारत का लगभग 90% LPG आयात इस संकीर्ण मार्ग के माध्यम से होता है; यहाँ कोई भी क्षेत्रीय संघर्ष या नाकेबंदी सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मुद्रास्फीति के लिये जोखिम उत्पन्न करती है।

4. KG-DWN 98/2 ब्लॉक भारत के ऊर्जा लक्ष्यों के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह ब्लॉक कृष्णा-गोदावरी बेसिन में स्थित है और इससे ONGC का गैस उत्पादन लगभग 15% बढ़ने की संभावना है, जो महंगे आयातों की जगह घरेलू उत्पादन से पूर्ति करके चालू खाता घाटे को कम करेगा।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ) 

प्रिलिम्स 

प्रश्न. भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (2015)

  1. यह एक पब्लिक लिमिटेड सरकारी कंपनी है।  
  2. यह एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (c)


मेन्स 

प्रश्न. ‘सतत, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुँच सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने के लिये अनिवार्य है।’ इस संबंध में भारत में हुई प्रगति पर टिप्पणी कीजिये। (2018)

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