रैपिड फायर
ICGS समुद्र प्रताप
- 07 Jan 2026
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भारत के रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल के लिये स्वदेशी रूप से निर्मित दो प्रदूषण नियंत्रण पोतों में से पहले भारतीय तटरक्षक पोत (ICGS) समुद्र प्रताप को कमीशन किया, जो भारत की समुद्री पर्यावरण संरक्षण क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
- पोत का निर्माण विशेष रूप से भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में तेल रिसाव (Oil Spill) और समुद्री प्रदूषण से निपटने के लिये किया गया है। यह पोत कोस्ट गार्ड रीजन (पश्चिम) के अधीन कार्य करता है, लेकिन इसका होमपोर्ट कोच्चि (Kochi) निर्धारित किया गया है।
- ICGS समुद्र प्रताप: इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है, जिसमें 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
- ICGS समुद्र प्रताप, जिसका अर्थ ‘मैजेस्टी ऑफ द सीज़’ है, जो समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और भारत के समुद्री हितों की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
- यह पोत 22 नॉट से अधिक की गति और 6,000 समुद्री मील की परिचालन क्षमता (एंड्यूरेंस) के साथ भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े का सबसे बड़ा पोत है।
- यह प्रदूषण प्रतिक्रिया, तेल रिसाव नियंत्रण, अग्निशमन, समुद्री सुरक्षा, तटीय गश्त और निगरानी के लिये एक बहु-भूमिका मंच के रूप में कार्य करता है।
- पोत उन्नत प्रदूषण पहचान प्रणालियों, विशेष प्रतिक्रिया नौकाओं, आधुनिक अग्निशमन उपकरणों तथा हेलीकॉप्टर हैंगर सहित विमानन सुविधाओं से सुसज्जित है।
- यह समुद्री पर्यावरण संरक्षण को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करता है, प्रवाल भित्तियों, मैंग्रोव और मत्स्य संसाधनों की रक्षा करता है तथा ब्लू इकाॅनोमी को समर्थन प्रदान करता है।
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