रैपिड फायर
वित्तीय अपराध पर FIU-IND और SEBI का समझौता ज्ञापन
- 18 Apr 2026
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हाल ही में वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने धनशोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के प्रयासों को सुदृढ़ करने के क्रम में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।
- उद्देश्य: यह समझौता वित्तीय अपराधों और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के क्रम में खुफिया जानकारी साझा करने, समन्वय और प्रवर्तन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
- विशेषताएँ: यह दोनों एजेंसियों के बीच वित्तीय खुफिया एवं डाटाबेस जानकारी के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के साथ विनियमित संस्थाओं हेतु धनशोधन निवारण नियमों के तहत रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित करने पर केंद्रित है।
- क्षमता निर्माण: इसमें SEBI-नियंत्रित संस्थाओं में मनी लॉन्ड्रिंग-रोधी (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण-रोधी (CFT) क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
- जोखिम निगरानी: इसके तहत मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिमों के आकलन, रेड फ्लैग संकेतकों की पहचान और अनुपालन निगरानी पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
- क्रियाप्रणाली एवं वैश्विक सहयोग: नियमित समन्वय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ अनुरूपता सुनिश्चित करने तथा सूचना आदान-प्रदान संबंधी एगमॉन्ट सिद्धांतों के तहत विदेशी FIUs के साथ जानकारी साझा करने में सक्षम बनाता है।
FIU-IND
- FIU-IND संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी को प्राप्त करने, संसाधित करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने के लिये उत्तरदायी केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है तथा मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध प्रयासों का समन्वय करती है।
SEBI
- यह भारत में प्रतिभूति बाज़ारों का वैधानिक नियामक है जिसका गठन SEBI अधिनियम, 1992 के तहत निवेशकों के हितों की रक्षा करने एवं बाजार की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिये की गई है।