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सैन्य अभ्यास खंजर

  • 05 Feb 2026
  • 13 min read

स्रोत: पीआईबी 

हाल ही में भारत-किर्गिज़स्तान संयुक्त विशेष बल सैन्य अभ्यास खंजर (Exercise KHANJAR) का 13वाँ संस्करण असम के मिसामारी में प्रारंभ हुआ है।

अभ्यास खंजर

  • पृष्ठभूमि: अभ्यास ‘खंजर’ की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी और इसे प्रतिवर्ष भारत तथा किर्गिज़स्तान में क्रमशः आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच पारस्परिक संचालन-क्षमता (Interoperability) को सुदृढ़ करना है।
  • प्रतिभागी इकाइयाँ: भारतीय सेना का दल पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के सैनिकों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है, जबकि किर्गिज़स्तान का दल ILBRIS विशेष बल ब्रिगेड द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है।
  • उद्देश्य एवं प्रमुख क्षेत्र: आतंकवाद-रोधी और विशेष बल अभियानों में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, शहरी तथा पर्वतीय भू-भाग में प्रशिक्षण, जिसमें स्नाइपिंग, भवनों में हस्तक्षेप तथा उच्च-ऊँचाई/पर्वतीय युद्धकौशल शामिल हैं।
  • महत्त्व: यह रक्षा संबंधों को सुदृढ़ करता है, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद और अतिवाद से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देता है तथा शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

किर्गिज़स्तान

  • किर्गिज़स्तान मध्य एशिया का एक स्थलरुद्ध (Landlocked) देश है, जिसकी सीमाएँ कज़ाखस्तान, चीन, ताज़िकिस्तान और उज़्बेकिस्तान से लगती हैं तथा इसकी राजधानी बिश्केक है।
  • यह उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के साथ रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण फरगाना घाटी साझा करता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है।
  • फ़रगाना घाटी हाइड्रोकार्बन संसाधनों से समृद्ध है, जिससे मध्य एशिया में भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापक रणनीतिक हितों के लिये इसका महत्त्व और बढ़ जाता है।

Central_Asia

और पढ़ें: अभ्यास खंजर-XII

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