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CAMPA नीति और IPCC रिपोर्ट

  • 28 Mar 2023
  • 6 min read

हाल ही में जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (Intergovernmental Panel on Climate Change- IPCC) ने अपनी आकलन रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत की वनीकरण की नीति पर चिंता व्यक्त की गई है जो वनों को काटने एवं परिवर्तित करने की अनुमति देती है।

पृष्ठभूमि:

  • वनीकरण भारत की जलवायु लक्ष्यों का हिस्सा है। साथ ही सरकार "वर्ष 2030 तक अतिरिक्त वन और वृक्षों के आवरण के माध्यम से 2.5-3 GtCO2e का एक अतिरिक्त कार्बन संचय" करने हेतु प्रतिबद्ध है।
    • GtCO2e कार्बन-डाइऑक्साइड-समतुल्य गीगाटन को संदर्भित करता है।
  • वर्ष 2002 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित एक निकाय प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority- CAMPA) में वनीकरण को भी संहिताबद्ध किया गया है।
    • CAMPA प्रतिपूरक वनीकरण गतिविधियों की निगरानी, तकनीकी सहायता एवं मूल्यांकन हेतु केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के रूप में काम करता है।
  • CAMPA का कार्य गैर-वन उपयोगों के लिये निर्दिष्ट की गई वन भूमि की भरपाई के एक तरीके के रूप में वनीकरण और सुधार गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
  • जब वन भूमि को गैर-वन उपयोग के लिये उपलब्ध कराया जाता है, जैसे कि बाँध निर्माण अथवा खदान के लिये, तो ऐसे में वह भूमि न तो अपनी ऐतिहासिक पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ प्रदान कर सकती है और न ही जैवविविधता को बनाए रख सकती है।
  • वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के अनुसार, भूमि को उपलब्ध कराये जाने के संदर्भ में इस परियोजना के प्रस्तावको को वनीकरण के लिये कहीं और भूमि की पहचान करनी चाहिये तथा भूमि मूल्य एवं वनीकरण अभ्यास हेतु भुगतान करना चाहिये। इसके बाद उस ज़मीन को वन विभाग द्वारा कब्ज़े में ले लिया जाएगा।

CAMPA से संबंधित विवाद:

  • वर्ष 2006-2012 में यह कोष 1,200 करोड़ रुपए से बढ़कर 23,600 करोड़ रुपए हो गया, किंतु नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने वर्ष 2013 में पाया कि इसमें से अधिकांश पैसा खर्च नहीं किया गया था।
  • अन्य स्थानों पर वनों की स्थापना के बदले प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र के उन्मूलन को प्रोत्साहित करने के मामले में CAMPA की आलोचना भी हुई है।
    • अक्तूबर 2022 में हरियाणा सरकार ने कहा कि वह 2,400 किमी. दूर और बहुत अलग स्थलाकृति वाली विकास परियोजनाओं के लिये ग्रेट निकोबार में वनों की कटाई से प्राप्त CAMPA फंड का उपयोग करके "विश्व की सबसे बड़ी क्यूरेटेड सफारी" विकसित करेगी।
  • CAMPA द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं ने लैंडस्केप कनेक्टिविटी और जैवविविधता गलियारों को खतरे में डाल दिया तथा वन क्षेत्र पर इसके "दूरगामी प्रभावों" से अवगत कराया।
  • गैर-देशी प्रजातियों या कृत्रिम वृक्षारोपण से पारिस्थितिकी तंत्र के नुकसान की भरपाई नहीं होगी और साथ ही यह मौजूदा पारिस्थितिकी तंत्र के लिये खतरनाक होगा।

IPCC की सिफारिशें:

  • चूँकि प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र जैव विविधता, स्थानीय आजीविका, जल विज्ञान संबंधी सेवाएँ और कार्बन को अनुक्रमित करते हैं।
  • IPCC ने सिफारिश की है कि प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के विचलन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिये पवन एवं सौर संयंत्रों जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिये।
  • प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का रूपांतरण कम करना पवन ऊर्जा की तुलना में अधिक महँगा हो सकता है, फिर भी प्रत्येक GtCO2e के लिये "पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, वनीकरण, बहाली" से कम खर्चीला है।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न: 

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2019)

  1. विधि के अनुसार, प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण, राष्ट्रीय तथा राज्य, दोनों स्तरों पर होते है।
  2. प्रतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम, 2016 के तहत चलाए गए प्रतिपूरक वनीकरण कार्यक्रमों में लोगों की सहभागिता अनिवार्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (A)

स्रोत: द हिंदू

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