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विश्व हीमोफीलिया दिवस

  • 18 Apr 2022
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

विश्व हीमोफीलिया दिवस, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया।

मेन्स के लिये:

हीमोफीलिया और इसका उपचार, स्वास्थ्य।

चर्चा में क्यों?

विश्व हीमोफीलिया दिवस (World Haemophilia day) प्रत्येक वर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हीमोफीलिया और अन्य वंशानुगत रक्तस्राव विकारों के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

  • वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया (WHF) के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल (Frank Schnabel) के सम्मान में यह दिवस मनाया जाता है।
  • इस वर्ष (2022) की थीम "सभी के लिये पहुँच: साझेदारी: नीति: प्रगति, अपनी सरकार को शामिल करना, विरासत में मिली रक्तस्राव विकारों को राष्ट्रीय नीति में एकीकृत करना" है।

हीमोफीलिया क्या है?

  • परिचय:
    • हीमोफीलिया एक आनुवंशिक रोग है, जिसमें रक्त के थक्के बनने की क्षमता गंभीर रूप से कम हो जाती है, जिससे कि मामूली चोट में भी गंभीर रक्तस्राव हो सकता है।
      • हीमोफीलिया जीन में उत्परिवर्तन या परिवर्तन के कारण होता है, जो रक्त का थक्का बनाने के लिये आवश्यक क्लॉटिंग फैक्टर प्रोटीन बनाने के लिये निर्देश प्रदान करता है।
      • यह परिवर्तन या उत्परिवर्तन क्लॉटिंग प्रोटीन को ठीक से कार्य करने या पूरी तरह समाप्त होने से रोक सकता है। ये जीन X गुणसूत्र पर स्थित होते हैं।
    • एक बच्चे के लिंग का निर्धारण करने के तरीके में शामिल आनुवंशिकी के कारण, महिलाओं की तुलना में पुरुष हीमोफीलिया के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
    • यह काफी दुर्लभ बीमारी है, लगभग 10,000 लोगों में से 1 व्यक्ति इससे प्रभावित होता है।
  • प्रकार
    • हीमोफीलिया A हीमोफीलिया का सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें रक्त में थक्के बनने के लिये आवश्यक ‘फैक्टर 8’ की कमी हो जाती है।
    • हीमोफीलिया B बेहद कम सामान्य है। हीमोफीलिया B में थक्के बनने के लिये आवश्यक फैक्टर-9 की कमी हो जाती है।
      • हीमोफीलिया A, लगभग 5,000 में से एक में 1 व्यक्ति में होता है, जबकि हीमोफीलिया B इससे भी दुर्लभ है जो कि लगभग 20,000 में से 1 व्यक्ति को होता है।
  • लक्षण:
    • बड़े घाव।
    • मांँसपेशियों और जोड़ों में रक्तस्राव।
    • सहज रक्तस्राव (बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर के अंदर अचानक रक्तस्राव)।
    • चोट लगने, दांँत निकालने या सर्जरी कराने के बाद लंबे समय तक रक्तस्राव।
  • उपचार:
    • हीमोफीलिया का मुख्य उपचार रिप्लेसमेंट थेरेपी है।
    • रक्त का थक्का जमने के लिये उत्तरदायी कारक यानी क्लॉटिंग फैक्टर VIII (हीमोफीलिया A के लिये) या क्लॉटिंग फैक्टर IX (हीमोफीलिया B के लिये) के सांद्रण को धीरे-धीरे ड्रिप के माध्यम से नसों में पहुँचाया जाता है या इसे नस में इंजेक्ट किया जाता है। यह क्लॉटिंग फैक्टर को बदलने में मदद करते हैं जो यह तो हैं ही नहीं या कम है।

भारत में हीमोफीलिया का परिदृश्य:

  • वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया के वार्षिक वैश्विक सर्वेक्षण 2017 के अनुसार, 2017 में दुनिया भर में 1.96 लाख से अधिक लोग हीमोफीलिया से पीड़ित थे।
  • देश-वार आंँकड़ों के अनुसार भारत में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक लगभग 19,000 मामलें हैं।
  • अनुमान है कि भारत में लगभग 80% मामले अपंजीकृत हो जाते हैं, जिससे हीमोफीलिया मामलों वास्तविक संख्या 2 लाख के करीब हो सकती है।

Registered-Cases

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया (WFH) 

  • यह एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जिसे 1963 में स्थापित किया गया था।
  • यह 140 देशों में रोगी संगठनों का एक वैश्विक नेटवर्क है और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन से आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।
  • इसका मिशन दुनिया भर में वंशानुगत रक्तस्राव विकारों वाले लोगों की देखभाल में सुधार और नियंत्रित  करना है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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