IAS प्रिलिम्स ऑनलाइन कोर्स (Pendrive)
ध्यान दें:
उत्तर प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर (2019)65 वीं बी.पी.एस.सी संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा - उत्तर कुंजी.बी .पी.एस.सी. परीक्षा 63वीं चयनित उम्मीदवारअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.63 वीं बी .पी.एस.सी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा - अंतिम परिणामबिहार लोक सेवा आयोग - प्रारंभिक परीक्षा (65वीं) - 2019- करेंट अफेयर्सउत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) मुख्य परीक्षा मॉडल पेपर 2018यूपीएससी (मुख्य) परीक्षा,2019 के लिये संभावित निबंधसिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2019 - मॉडल पेपरUPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़Result: Civil Services (Preliminary) Examination, 2019.Download: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा - 2019 (प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजी).

डेली अपडेट्स

शासन व्यवस्था

अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2019

  • 12 Jul 2019
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2019 (Unregulated Deposit Schemes Bill, 2019) को मंज़ूरी दी है।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि यह विधेयक अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी अध्‍यादेश, 2019 का स्‍थान लेगा।
  • अब यह विधेयक देश में अवैध रूप से जमा राशि जुटाने के जोखिम से कारगर ढंग से निपटने तथा इस तरह की योजनाओं के ज़रिये गरीबों एवं भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई हड़प लेने पर रोक लगाने की दृष्टि से और मज़बूत हो जाएगा।

विधेयक के प्रावधान

  • अनियमित जमा राशि जुटाने की गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • अनियमित जमा राशि जुटाने वाली योजना का प्रचार-प्रसार अथवा संचालन के मामले में कठोर दंड।
  • जमाकर्त्ताओं को पुनर्भुगतान के मामले में धोखाधड़ी और डिफॉल्‍ट करने पर कठोर दंड।
  • जमा राशि जुटाने वाले प्रतिष्‍ठान को डिफॉल्‍टर घोषित किये जाने की स्थिति में जमा राशि का पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिये राज्‍य सरकार द्वारा एक सक्षम प्राधिकरण को अधिकृत करना।
  • सक्षम प्राधिकरण को अधिकार सौंपना, जिसमें डिफॉल्‍टर प्रतिष्‍ठान की परिसम्‍पत्तियाँ ज़ब्‍त करने का अधिकार देना भी शामिल हैं।
  • जमाकर्त्ताओं के पुनर्भुगतान की निगरानी करने और अधिनियम के तहत आपराधिक कार्रवाई करने के लिये अदालतों को अधिकृत करना।
  • विधेयक में नियमित जमा योजनाओं की सूची पेश करना, इसमें एक ऐसा प्रावधान होगा जिसके तहत केंद्र सरकार इस सूची को बड़ा या छोटा कर सकेगी।

विधेयक के उद्देश्य

  • यह विधेयक अनियमित तौर पर जमा राशि जुटाने से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा देगा। इसके तहत ऐसी गतिविधियों को प्रत्‍याशित अपराध माना जाएगा, जबकि मौजूदा विधायी-सह-नियाम‍कीय फ्रेमवर्क केवल व्‍यापक समय अंतराल के बाद ही यथार्थ या अप्रत्‍याशित रूप से प्रभावी होता है।
  • विधेयक में अपराधों के तीन प्रकार निर्दिष्‍ट किये गए हैं, जिनमें अनियमित जमा योजनाएँ चलाना, नियमित जमा योजनाओं में धोखाधड़ी के उद्देश्‍य से डिफॉल्‍ट करना और अनियमित जमा योजनाओं के संबंध में गलत इरादे से प्रलोभन देना शामिल हैं।
  • विधेयक में कठोर दंड देने और भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि लोगों की इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लग सके।
  • विधेयक में उन मामलों में जमा राशि को वापस लौटाने या पुनर्भुगतान करने के पर्याप्‍त प्रावधान किये गए हैं, जिनके तहत ये योजनाएँ किसी भी तरह से अवैध तौर पर जमा राशि जुटाने में सफल हो जाती हैं।
  • विधेयक में सक्षम प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों/परिसंपत्तियों को ज़ब्‍त करने और जमाकर्त्ताओं को पुनर्भुगतान किये जाने के उद्देश्‍य से इन परिसंपत्तियों को हासिल करने का प्रावधान किया गया है।

पृष्‍ठभूमि

  • अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2018 पर लोकसभा ने 13 फरवरी, 2019 को अपनी बैठक में विचार किया और इसे विचार-विमर्श के बाद में प्रस्‍तावित सरकारी संशोधनों के माध्‍यम से अनियमित जमा योजना विधेयक, 2019 के रूप में पारित किया।
  • इस विधेयक पर राज्‍य सभा विचार नहीं कर सकी और विधेयक पारित नहीं हो सका, क्‍योंकि उसी दिन राज्‍य सभा की बैठक अनिश्चितकाल के लिये स्‍थगित हो गई।

स्रोत- PIB

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close