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आईएनएफ संधि का खत्म होना तय

  • 02 Feb 2019
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?


पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ की गई मध्यम दूरी परमाणु शक्ति संधि (Intermediate-Range Nuclear Forces-INF Treaty) से अलग होने की बात की थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह आरोप था कि रूस कई वर्षों से इस समझौते का उल्लंघन कर रहा है।

प्रमुख बिंदु

  • अमेरिका ने अंततः इस संधि के तहत आने वाले अपने दायित्वों को खत्म करने की घोषणा कर दी है जो कि 2 फरवरी, 2019 से प्रभावी होगी और अगले छह महीने में वह संधि से हट जाएगा।
  • अमेरिका रूस और संधि में शामिल अन्य दलों को एक औपचारिक रूप से नोटिस देगा कि वह संधि के अनुच्छेद XV के तहत अलग हो रहा है। अनुच्छेद XV अलग होने से पहले छह महीने की नोटिस अवधि को अनिवार्य करता है।
  • हालाँकि अमेरिका का यह भी कहना है कि यदि रूस INF संधि का उल्लंघन करने वाली मिसाइलों, मिसाइल लॉन्चर और संबंधित उपकरणों को नष्ट कर दे तो संधि को छह महीने की नोटिस अवधि के दौरान बचाया भी जा सकता है।
  • नाटो ने भी अमेरिका के पक्ष में इस निर्णय का समर्थ किया है।

पृष्ठभूमि

  • गौरतलब है कि मध्यम दूरी परमाणु शक्ति संधि (Intermediate-range Nuclear Forces Treaty-INF) की अवधि अगले दो साल में खत्म होनी है। 1987 में हुई यह संधि अमेरिका और यूरोप तथा सुदूर पूर्व में उसके सहयोगियों की सुरक्षा में मदद करती है।
  • यह संधि अमेरिका तथा रूस की 300 से 3,400 मील दूर तक मार करने वाली, ज़मीन से छोड़े जाने वाले क्रूज मिसाइल के निर्माण को प्रतिबंधित करती है। इसमें ज़मीन आधारित सभी मिसाइलें शामिल हैं।
  • 1987 में अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और उनके तत्कालीन यूएसएसआर समकक्ष मिखाइल गोर्बाचेव ने मध्यम दूरी और छोटी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइलों का निर्माण नहीं करने के लिये INF संधि पर हस्ताक्षर किये थे।

क्या है आईएनएफ संधि?

  • यह संधि प्रतिबंधित परमाणु हथियारों और ग़ैर-परमाणु मिसाइलों की लॉन्चिंग को रोकती है। अमेरिका की नाराज़गी रूस की एसएस-20 की यूरोप में तैनाती के कारण है। इसकी रेंज 500 से 5,500 किलोमीटर तक है।
  • इस संधि के तहत 1991 तक क़रीब 2,700 मिसाइलों को नष्ट किया जा चुका है। दोनों देश एक-दूसरे की मिसाइलों के परीक्षण और तैनाती पर नज़र रखने की अनुमति देते हैं।
  • 2007 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि इस संधि से उनके हितों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। रूस की यह टिप्पणी 2002 में अमेरिका के एंटी बैलिस्टिक मिसाइल संधि से बाहर होने के बाद आई थी।

संधि से क्या हासिल हुआ?

  • शीतयुद्ध के दौरान हुए आईएनएफ संधि का ऐतिहासिक नतीजा सामने आया था।
  • इसके तहत 2,700 मिसाइलों के साथ ही उनके लॉन्चर भी नष्ट कर दिये गए थे।
  • इससे अमेरिका-सोवियत संघ के संबंधों को प्रोत्साहन मिला था।

आगे की राह

  • ट्रंप प्रशासन को लगता है कि रूस में मिसाइल सिस्टम को लेकर हो रहा काम और इनकी तैनाती चिंताजनक विषय है। लेकिन ट्रंप का इस समझौते से बाहर निकलने की वज़ह से हथियारों के नियंत्रण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
  • कई विश्लेषकों का मानना है कि अभी वार्ता जारी रहेगी और उम्मीद है कि रूस इस बात को समझेगा।
  • डर है कि हथियारों की होड़ पर शीतयुद्ध के बाद जो लगाम लगी थी वह होड़ कहीं फिर से न शुरू हो जाए।


स्रोत- द हिंदू

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