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कर विवादों को कम करने हेतु योजनाएँ

  • 15 Feb 2021
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वित्त सचिव ने कहा है कि फेसलेस मूल्यांकन और अपील (faceless Assessment and Appeal) की नई प्रणाली से कर विवादों को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

प्रमुख बिंदु

  • कर विवाद (डेटा):
    • आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, कर विवादों से संबंधित कुल राशि वित्त वर्ष 2019 के अंत में 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक थी, जो एक साल पहले 23% थी।
    • भारत में कर मुकदमों की संख्या, समाधान में लगने वाला समय और लागत बहुत अधिक है।
  • कर विवादों को कम करने हेतु पहलें:
    • विवाद समाधान समिति:
      • वित्त मंत्री ने बजट 2021 में करदाताओं को कर विवादों के मामले में त्वरित राहत प्रदान करने के लिये एक विवाद समाधान समिति (DRC) के गठन का प्रस्ताव किया है।
      • इस समिति का गठन आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के एक नए खंड 245MA के तहत किया जाएगा।
      • डीआरसी द्वारा छोटे करदाताओं के 50 लाख रुपए तक की कर योग्य आय और 10 लाख रुपए तक की विवादित आय का समाधान किया जाएगा।
      • इस समिति के पास आयकर अधिनियम के तहत किसी भी दंड को कम करने और माफ करने की शक्ति होगी।
      • डीआरसी के तहत उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक तंत्र द्वारा करदाताओं के नए विवादों को रोकने और इन मुद्दों को शुरुआती चरण में ही सुलझाने में मदद मिलेगी।
        • भारत को वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र उपलब्ध कराने के मामले में विश्व नियम कानून सूचकांक (World Rule of Law Index), 2020 में 88वें स्थान पर रखा गया है।
    • फेसलेस मूल्यांकन और अपील:
      • प्रधानमंत्री ने अगस्त 2020 में पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान (Transparent Taxation – Honoring the Honest) के तहत तीन महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक कर सुधारों (फेसलेस मूल्यांकन, फेसलेस अपील और करदाता चार्टर) की घोषणा की।
      • अधिकारियों के समक्ष करदाताओं की भौतिक रूप में उपस्थिति की आवश्यकता को दूर करने के लिये फेसलेस मूल्यांकन प्रणाली (faceless Assessment System) की शुरुआत की गई थी।
        • फेसलेस रैंडम मूल्यांकन की शुरुआत के बाद से अब तक 50,000 से अधिक विवादों का निपटारा किया जा चुका है।
      • फेसलेस अपील प्रणाली का उद्देश्य करदाता की विवेकाधीन शक्तियों को समाप्त करना, भ्रष्ट प्रथाओं पर अंकुश लगाना और करदाताओं को अनुपालन में सहूलियत प्रदान करना है।
        • आयकर अपील को गंभीर धोखाधड़ी, प्रमुख कर चोरी, जाँच मामलों, अंतर्राष्ट्रीय कर मुद्दों और काले धन से संबंधित अपीलों के अपवाद के साथ एक स्पष्ट तरीके से अंतिम रूप दिया जाएगा।
      • करदाताओं को आयकर संग्रहण की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराने में मदद के लिये उनके अधिकारों और ज़िम्मेदारियों को लेकर कर चार्टर का विस्तार।
      • राष्ट्रीय फेसलेस इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण केंद्र (National Faceless Income Tax Appellate Tribunal Centre) की स्थापना के लिये प्रयास जारी है, जो वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई करेगा।
    • विवाद से विश्वास योजना:
      • इस योजना के अंतर्गत करदाताओं के विवादित कर, विवादित ब्याज, विवादित जुर्माना या विवादित शुल्क का निस्तारण किया जाता है, इसके तहत विवादित राशि के भुगतान पर 100% कर छूट और विवादित दंड, विवादित ब्याज या विवादित शुल्क के भुगतान पर 25% कर छूट प्राप्त होगी।
      • प्रत्यक्ष कर विवादों को विभिन्न अपीलीय मंचों में निपटाने के लिये प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम (Direct Tax Vivad se Vishwas Act) को मार्च 2020 में लागू किया गया था।
      • विवाद से विश्वास योजना का विकल्प प्रत्यक्ष विवादों के एक-चौथाई हिस्से के समाधान के लिये चुना गया, जिसमें 97,000 करोड़ रुपए के विवादों का निपटान किया गया।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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