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Cycles4Change चैलेंज

  • 11 Jul 2020
  • 5 min read

प्रीलिम्स के लिये

Cycles4Change चैलेंज

मेन्स के लिये

सतत् परिवहन प्रणाली की आवश्यकता और उसका महत्त्व

चर्चा में क्यों?

भारतीय शहरों में साइकिल चालन संबंधी पहलों को जल्द लागू करने की दिशा में भारतीय शहरों का समर्थन करने के लिये आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने Cycles4Change चैलेंज के लिये पंजीकरण की शुरुआत की है।

प्रमुख बिंदु

  • शहरों के सतत् विकास के उद्देश्य से शुरू किये जा रहे इस चैलेंज में स्मार्ट सिटीज़ मिशन (Smart Cities Mission) के तहत सभी शहर, राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानी और 5 लाख से अधिक आबादी वाले देश के सभी शहर हिस्सा ले सकेंगे।
  • गौरतलब है कि इस चैलेंज की शुरुआत आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री द्वारा 25 जून, 2020 को की गई थी।

Cycles4Change चैलेंज

  • यह चैलेंज आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत स्मार्ट सिटीज़ मिशन की एक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय शहरों में साइकिल चालन संबंधी पहलों को जल्द लागू करने के लिये भारतीय शहरों को प्रेरित करना और उनका समर्थन करना है।
  • इस चैलेंज का उद्देश्य शहरों को अपने आम नागरिकों तथा विशेषज्ञों के साथ जुड़ने में मदद करना है, जिससे साइकिल चलाने की प्रथा को बढ़ावा देने हेतु एकीकृत दृष्टिकोण विकसित किया जा सके।
  • इस चैलेंज के तहत शहरों को नागरिक समाज संगठनों (CSOs), विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों के साथ सहयोग कर अपनी योजनाओं को कार्यान्वित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि इस पहल के तहत आम नागरिकों का सहयोग शहरों द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के मूल्यांकन हेतु महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
  • इस चैलेंज का कार्यान्वयन मुख्यतः दो चरणों में किया जाएगा।
  • चैलेंज का पहला चरण अक्तूबर, 2020 तक कार्यान्वित होगा, जिसमें सभी शहर साइकिल चलाने की प्रथा को बढ़ावा देने और इस संबंध में आवश्यक रणनीति तैयार करने के लिये त्वरित हस्तक्षेप पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
  • इसके पश्चात् दूसरे चरण में कुल 11 शहरों का चयन किया जाएगा और उनकी संबंधित योजनाओं को आगे बढाने तथा उनमें आवश्यक सुधार करने के लिये 1 करोड़ रुपए की राशि और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों से दिशा-निर्देश प्रदान किया जाएगा, चैलेंज का दूसरा चरण मई, 2021 तक कार्यान्वित किया जाएगा।

महत्त्व

  • चैलेंज को लॉन्च करते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री ने कहा कि ‘भारत सरकार उच्च गुणवत्ता वाली परिवहन प्रणाली विकसित करने में शहरों की सहायता करने हेतु प्रतिबद्ध है।’
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार का यह चैलेंज आम नागरिकों, विशेषज्ञों, शहर के साइक्लिंग समूहों, साइकिलों का निर्माण और उनकी बिक्री करने वाले व्यापारियों आदि को एक इकाई में जोड़ने का एक बेहतरीन तरीका है।
  • इसके माध्यम से शहरों में सतत् परिवहन की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
  • यह पहल शहरों में सक्रिय गतिशीलता को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के दोहरे लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी।

आवश्यकता

  • इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसपोर्टेशन एंड डवलपमेंट पॉलिसी (Institute for Transportation and Development Policy-ITDP) द्वारा किये गए हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, COVID-19 जनित लॉकडाउन के पूरी तरह से समाप्त होने के पश्चात् विश्व भर के बड़े शहरों में साइकिल के प्रयोग में 50-60 प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है।
  • इस अवसर का उठाने के उद्देश्य से विश्व भर के बड़े शहर अपने साइकिल नेटवर्क के विस्तार पर विचार कर रहे हैं, उदाहरण के लिये पेरिस ने अप्रैल माह में तकरीबन 650 किलोमीटर लंबे साइकिल मार्ग के निर्माण की घोषणा की थी। 
  • गौरतलब है कि भारतीय शहरों के लिये भी यह एक बड़ा अवसर है, वे साइकिल जैसे स्वच्छ और स्वस्थ परिवहन साधन का उपयोग करने के लिये आम लोगों को प्रोत्साहित करें और इस संबंध में एक अनुकूल वातावरण का निर्माण करें।

स्रोत: पी.आई.बी

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