हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

डेली अपडेट्स

विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 30 अप्रैल, 2020

  • 30 Apr 2020
  • 7 min read

ऋषि कपूर

भारतीय फिल्म जगत के प्रसिद्ध अभिनेता ऋषि कपूर का 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। ध्यातव्य है कि ऋषि कपूर कैंसर से पीड़ित थे और सितंबर 2019 में न्यूयॉर्क से उपचार के बाद वापस लौटे थे। ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर, 1952 को बॉम्बे (वर्तमान मुंबई, महाराष्ट्र) में हुआ था। वे भारत के मशहूर निर्देशक और अभिनेता राज कपूर के बेटे थे। ऋषि कपूर ने अपने पिता राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ (वर्ष 1970) में एक बच्चे के रूप में अपने पिता की भूमिका निभाते हुए भारतीय फिल्म जगत में अपने कैरियर की शुरुआत की थी। मुख्य अभिनेता के तौर पर ऋषि कपूर की पहली फिल्म ‘बॉबी’ (वर्ष 1973) काफी लोकप्रिय रही और वे खासकर युवाओं के मध्य काफी लोकप्रिय हो गए। भारतीय फिल्म जगत में अपने पूर्ण कैरियर में ऋषि कपूर ने कुल 123 से अधिक फिल्में कीं, जिनमें बॉबी (वर्ष 1973), राजा (वर्ष 1975), कभी-कभी (वर्ष 1976), अमर अकबर एंथनी (वर्ष 1977), सरगम (वर्ष 1979), प्रेम रोग (वर्ष 1982) और बोल राधा बोल (वर्ष 1992) आदि काफी लोकप्रिय हैं। ऋषि कपूर को वर्ष 1974 ‘बॉबी’ फिल्म के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया था, इसके अतिरिक्त उन्हें वर्ष 2008 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। 

सुरेश एन. पटेल

हाल ही में सुरेश एन. पटेल ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission-CVC) में सतर्कता आयुक्त के रूप में शपथ ग्रहण की है। ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस वर्ष फरवरी माह में सुरेश एन. पटेल को इस पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सुरेश एन. पटेल को बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करने का 3 दशक लंबा अनुभव है। इससे पूर्व सुरेश एन. पटेल CVC के बैंकिंग एवं वित्तीय धोखाधड़ी मामलों के सलाहकार बोर्ड के सदस्य थे। सुरेश एन पटेल का CVC में कार्यकाल दिसंबर 2022 तक होगा। केंद्रीय सतर्कता आयोग केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार निरोध हेतु एक प्रमुख संस्था है। सतर्कता को लेकर केंद्र सरकार को सलाह तथा मार्गदर्शन देने के लिये के. संथानम की अध्यक्षता में गठित भ्रष्टाचार निवारण समिति की सिफारिशों के आधार पर फरवरी, 1964 में केंद्रीय सतर्कता आयोग का गठन किया था। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और दो सतर्कता आयुक्त होते हैं।

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (Cauvery Water Management Authority-CWMA) को अब आधिकारिक तौर पर जल शक्ति मंत्रालय के अधीन लाया गया है। ध्यातव्य है कि CWMA पहले जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के अधीन था। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने जल से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिये जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय का विलय करके जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया था और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण इस मंत्रालय के अधीन एक विभाग का रूप में शामिल किया था। हालाँकि यह निर्णय महज एक औपचारिकता है जो कार्य के आवंटन को निर्दिष्ट करता है, जिसका अर्थ है कि प्राधिकरण को अब जल शक्ति मंत्रालय को रिपोर्ट करना होगा। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल एवं पुद्दुचेरी के बीच जल के बँटवारे संबंधी विवाद को निपटाने हेतु 1 जून, 2018 को केंद्र सरकार ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) का गठन किया था। इस प्राधिकरण के गठन का निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने 16 फरवरी, 2018 को दिया था। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, केंद्र सरकार को 6 सप्ताह के भीतर इस प्राधिकरण का गठन करना था।

टी.एस. तिरुमूर्ति

अनुभवी राजनयिक टी. एस. तिरुमूर्ति को संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे विदेश मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत हैं। भारतीय विदेश सेवा के 1985 बैच के अधिकारी तिरुमूर्ति न्यूयॉर्क में सैयद अकबरुद्दीन की जगह लेंगे। टी एस. तिरुमूर्ति का जन्म 7 मार्च, 1962 को चेन्नई में हुआ था और राजनयिक होने के अतिरिक्त वे एक लेखक भी हैं। वर्ष 1985 में विदेश सेवा ज्वाइन करने के पश्चात् उन्होंने काहिरा, जिनेवा, गाजा, वॉशिंगटन डी.सी. और जकार्ता में भारतीय राजनयिक मिशनों में कार्य किया। इसके अतिरिक्त वे नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में अवर सचिव (भूटान), निदेशक (विदेश सचिव कार्यालय), संयुक्त सचिव (बांग्लादेश, श्रीलंका, म्याँमार और मालदीव) और संयुक्त सचिव (संयुक्त राष्ट्र) की ज़िम्मेदारी संभाल चुके हैं।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close