हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स

विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 15 अप्रैल, 2020

  • 15 Apr 2020
  • 7 min read

हिमाचल दिवस

प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस आयोजित किया जाता है। ध्यातव्य है कि 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में अस्तित्त्व में आया था। भारतीय संविधान लागू होने के साथ 26 जनवरी, 1950 को हिमाचल प्रदेश 'ग' श्रेणी का राज्य बन गया। 1 जुलाई, 1954 को बिलासपुर हिमाचल प्रदेश में शामिल हुआ। इसके पश्चात् 1 जुलाई, 1956 को हिमाचल प्रदेश को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गयाI वर्ष 1966 में कांगड़ा और पंजाब के अन्य पहाड़ी इलाकों को हिमाचल में मिला दिया गया, किंतु इसका स्वरूप केंद्रशासित प्रदेश का ही रहा। संसद द्वारा दिसंबर 1970 में हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम पारित किया गया जिसके फलस्वरूप 25 जनवरी, 1971 को नया राज्य अस्तित्त्व में आया। इस प्रकार हिमाचल प्रदेश, भारतीय गणराज्य का 18वां राज्य बना। क्षेत्र के प्राचीनतम ज्ञात जनजातीय निवासियों को दास कहा जाता था , बाद में आर्य आए और वे भी यहाँ रहने लगे। राज्य उत्तर में जम्मू-कश्मीर से, दक्षिण-पश्चिम में पंजाब से, दक्षिण में हरियाणा से, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखंड से तथा पूर्व में तिब्बत (चीन) की सीमाओं से घिरा हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की संख्या तकरीबन 68 लाख है और राज्य का कुल क्षेत्रफल लगभग 55,673 वर्ग कि.मी. है। 

‘देखो अपना देश’ वेबिनार श्रृंखला

पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) ने अतुल्य भारत की संस्कृति और विरासत की गहरी और विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से हाल ही में 'देखो अपना देश’ (DekhoApnaDesh) नामक से एक वेबिनार श्रृंखला की शुरूआत की है। श्रृंखला के पहले वेबिनार में दिल्ली के लंबे इतिहास को दर्शाया गया। इस वेबिनार का शीर्षक ‘सिटी ऑफ सिटीज़- दिल्लीज़ पर्सनल डायरी’ (City of Cities- Delhi's Personal Diary) था। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, COVID-19 के कारण घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन तथा आवागमन काफी अधिक प्रभावित हुआ है, किंतु प्रौद्योगिकी के कारण, स्थानों और गंतव्यों तक आभासी रूप से पहुँचना और बाद के दिनों के लिये अपनी यात्रा की योजना बनाना संभव है, इसी सिद्धांत के आधार पर इस वेबिनार श्रृंखला की शुरुआत की गई है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री ने कहा कि यह वेबिनारों की श्रृंखला एक निरंतर विशिष्टता वाली होगी और मंत्रालय अपने स्मारकों, पाक शैलियों, कलाओं, नृत्य के रूपों सहित भारत के विविध और उल्लेखनीय इतिहास तथा संस्कृति को प्रदर्शित करने की दिशा में काम करेगा, जिसमें प्राकृतिक परिदृश्य, त्योहार और समृद्ध भारतीय सभ्यता के कई अन्य पहलू भी शामिल हैं।

पूल परीक्षण

हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research-ICMR) ने उत्तर प्रदेश को COVID -19 का पूल परीक्षण (Pool Testing) शुरू करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पूल परीक्षण शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। पूल परीक्षण शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में परीक्षण की संख्या को बढ़ाना है। ध्यातव्य है कि यह विधि राज्य की परीक्षण प्रक्रिया में तेज़ी लाएगी। इस विधि में कई नमूनों को एक साथ रखा जाता है और उनका परीक्षण किया जाता है। यदि नमूनों के संग्रह का परिणाम नकारात्मक आता है, तो इसका अर्थ होता है कि उस समूह के सभी नमूने नकारात्मक हैं। हालाँकि यदि संग्रह के सभी नमूनों में से किसी एक नमूने का परिणाम भी सकारात्मक आता है तो उस समूह के सभी नमूनों का परीक्षण व्यक्तिगत रूप से किया जाता है। भारत, जो कि परीक्षण किटों के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे जैसे विषयों पर संघर्ष कर रहा है, के लिये संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करते हुए परीक्षण करना काफी लाभदायक साबित हो सकता है।

‘सहयोग’ (SAHYOG) एप 

भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India-SoI) ने सरकारी एजेंसियों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को COVID-19 के प्रकोप के दौरान महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करने के लिये अनिवार्य आँकड़ों की आवश्यकता को ध्यान में रहते हुए बुनियादी ढाँचे पर डेटा एकत्र करने हेतु एक नया प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस प्लेटफॉर्म पर बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोज़ल, COVID-19 समर्पित अस्पतालों, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की परीक्षण प्रयोगशालाओं और क्वारंटाइन शिविरों के संबंध में जानकारी एकीकृत की जाएगी। इस प्लेटफॉर्म का समर्थन करने के लिये ‘सहयोग’ (SAHYOG) नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन भी बनाई गई है। यह एप सामुदायिक कार्यकर्त्ताओं की मदद से स्थान विशिष्ट डेटा एकत्र करने में मदद करेगा। सरकार द्वारा आवश्यक सूचना मापदंडों को ‘सहयोग’ (SAHYOG) एप में शामिल किया गया है, जो संपर्क ट्रेसिंग, जन जागरूकता और स्व-मूल्यांकन उद्देश्यों के मामले में सरकार के आरोग्य सेतु एप (Aarogya Setu) में इज़ाफा करेगा।

एसएमएस अलर्ट
Share Page