प्रयागराज शाखा पर IAS GS फाउंडेशन का नया बैच 10 जून से शुरू :   संपर्क करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 10 जनवरी, 2020

  • 10 Jan 2020
  • 3 min read

भारोत्तोलक सरबजीत कौर पर प्रतिबंध

महिला भारोत्तोलक सरबजीत कौर पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने डोपिंग के कारण 4 वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के अनुसार, डोपिंग रोधी अनुशासन समिति ने सरबजीत कौर को डोपिंग के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी सरबजीत कौर को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का दोषी पाया गया था। NADA की स्थापना का मुख्य उद्देश्य देश भर में खेलों में ड्रग्स और प्रबंधित पदार्थों के बढ़ते चलन को रोकना है। यह एक गैर-सरकारी संस्था है जिसका गठन वर्ष 2005 में किया गया था।

जम्मू-कश्मीर से जल्द हटेंगे प्रतिबंध

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पश्चात् केंद्र सरकार की ओर से लगाए गए तमाम प्रतिबंधों पर उच्चतम न्यायालय ने फैसला देते हुए कहा है कि इस सभी प्रतिबंधों की आगामी 7 दिनों के भीतर समीक्षा की जानी चाहिये। उल्लेखनीय है कि इन प्रतिबंधों में नेताओं के आवागमन पर रोक और इंटरनेट शटडाउन आदि शामिल हैं। न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इंटरनेट का प्रयोग अभिव्यक्ति के अधिकार का हिस्सा है और इससे अनिश्चित काल के लिये बंद नहीं किया जा सकता। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि धारा-144 का प्रयोग किसी विचार को दबाने के लिये हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिये।

सामिया नसीम

भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सामिया नसीम को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल विलियम बर ने शिकागो के जज के पद पर नियुक्त किया है। इससे पूर्व सामिया नसीम ने न्यूयॉर्क और शिकागो में इमीग्रेशन एवं सीमा शुल्क परिवर्तन विभाग तथा होमलैंड सुरक्षा विभाग के सहायक मुख्य वकील के तौर पर कार्य किया है। सामिया नसीम न्यूयॉर्क के स्टेट बार की भी सदस्य हैं।

विश्व हिंदी दिवस

10 जनवरी को विश्व भर में हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है। आधिकारिक तौर पर हिंदी दिवस की शुरुआत वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा की गई थी। विश्व हिन्दी दिवस का मुख्य उद्देश्य विश्व भर में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था। गौरतलब है कि विश्व भर के कई विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है। हिंदी भाषा को लेकर हिंदी के प्रसिद्ध स्तंभकार भारतेन्दु हरिश्चंद्र की निम्न पंक्तियाँ कालजयी है-

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2