इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


सामाजिक न्याय

गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों को प्राथमिकता

  • 03 Jan 2024
  • 14 min read

प्रिलिम्स के लिये:

बहुआयामी निर्धनता सूचकांक, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, महिला आरक्षण विधेयक 2023, विश्व बैंक, बेरोज़गारी 

मेन्स के लिये:

बहुआयामी निर्धनता और बेरोज़गारी, महिलाओं का सशक्तीकरण, कृषि संकट में योगदान देने वाले कारक, संबंधित सरकारी पहल

स्रोत: डाउन टू अर्थ 

चर्चा में क्यों? 

भारत के प्रधानमंत्री ने चार समूहों: गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देने की अनिवार्यता को रेखांकित किया है।

  • यह बल वंचितों के लिये गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत में रेखांकित समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति क्या है?

गरीब/निर्धन (Poor):

  • बहुआयामी निर्धनता सूचकांक:
    • भारत की लगभग 230 मिलियन से अधिक आबादी निर्धन है।
    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) तथा ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल द्वारा प्रकाशित 2023 वैश्विक बहुआयामी निर्धनता सूचकांक के अनुसार, वर्ष 2005-06 और 2019-21 के दौरान लगभग 415 मिलियन भारतीय, निर्धनता से दूर हुए।
    • UNDP द्वारा परिभाषित, लगभग 18.7% आबादी बहुआयामी निर्धनता के प्रति 'सुभेद्य' की श्रेणी में आती है।
      • यह उन व्यक्तियों को संदर्भित करता है, जिन्हें गरीब के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है, लेकिन इन्होने सभी भारित संकेतकों के 20-33.3% में अभाव का अनुभव किया है।
    • भोजन पकाने का ईंधन, आवास और बेहतर पोषण अभाव के प्रमुख क्षेत्र हैं। संबंधित मेट्रिक्स डाटा में क्रमशः 13.9%, 13.6% और 11.8% आबादी को वंचित के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

  • बेरोज़गारी:
    • अक्तूबर 2023 में भारत की बेरोज़गारी दर दो वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुँच गई, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गारी में वृद्धि दर्ज की गई।
    • राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के सत्र 2022-23 के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में 2017-18 की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गारी में 5.3% से 2.4% और शहरी क्षेत्रों में 7.7% से 5.4% की कमी देखी गई।
    • कुल नियोजित जनसंख्या में स्व-रोज़गार वाले व्यक्तियों का अनुपात वर्ष 2018-19 में 52% से बढ़कर 2022-23 में 57% हो गया।
      • स्व-रोज़गार में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल हैं जैसे चाय की दुकान चलाना, कृषि कार्य करना, घरेलू उद्यमों में सहायता करना, चिकित्सा का अभ्यास करना और किसी की आर्थिक गतिविधियों के अंतर्गत अवैतनिक कार्य करना।
      • स्व-रोज़गार स्तर का अधिक होना अन्य विकल्पों की कमी को इंगित करता है, इस प्रकार लोग इन अल्प-भुगतान वाले व्यवसायों से जुड़े रहते हैं।
        • अमूमन प्रति व्यक्ति निम्न  आय वाले देशों में स्व-रोज़गार आबादी का अनुपात अधिक होता है।
  • महिलाएँ:
    • विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट, 2023 के अनुसार भारत 146 देशों में से 127वें स्थान पर रहा जो वर्ष 2022 की तुलना में 135वें स्थान से 1.4% अंक तथा आठ स्थान का सुधार दर्शाता है।
    • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau- NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में महिलाओं के विरुद्ध अपराध 4% बढ़ गए, जिसमें दर्ज किये गए अपराधों की संख्या 4.45 लाख से अधिक थी।
      • अधिकांश अपराध पतियों अथवा नातेदारों द्वारा क्रूरता, अपहरण, हमला एवं बलात्कार से संबंधित थे।
      • 12 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई।
    • महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में भी जाना जाता है, महिलाओं के लिये विधान सभाओं एवं लोकसभा में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिये पारित किया गया था।

  • कृषक:
    • अत्यधिक तथा असामयिक वर्षा के कारण किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे उनकी आय गंभीर रूप से प्रभावित हुई।
      • दक्षिण-पश्चिम मानसून अनियमित और औसत से कम था, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में खरीफ फसल की पैदावार प्रभावित हुई।
      • कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा झारखंड जैसे राज्य सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
    • उत्तर भारत में BT कपास की फसल पर पिंक बॉलवर्म कीट के कारण निरंतर होने वाले नुकसान ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
    • NCRB के आँकड़ों के अनुसार कृषि से संबंधित लोगों में आत्महत्या से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है।
      • भारत में प्रत्येक घंटे एक किसान ने आत्महत्या की तथा वर्ष 2022 में आत्महत्या के 11,290 मामले दर्ज किये गए।
      • खेतिहर मज़दूरों की आत्महत्याएँ किसानों की तुलना में अधिक थीं। आत्महत्या के 53% मामले खेतिहर मज़दूरों के थे।
    • आय के लिये एक औसत कृषक परिवार की निर्भरता फसल उत्पादन के स्थान पर कृषि से मिलने वाली मज़दूरी पर बढ़ती जा रही है।
  • युवा:
    • विश्व बैंक के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत में युवा बेरोज़गारी दर 23.2% थी, जो इसके पड़ोसी देशों पाकिस्तान (11.3%), बांग्लादेश (12.9%) और भूटान (14.4%) से भी अधिक थी।
      • चीन में बेरोज़गारी दर 13.2%, दक्षिण कोरिया में 6.9% और सिंगापुर में 6.1% रही।
      • हालाँकि भारत में युवा बेरोज़गारी दर वर्ष 2021 में 23.9% से कम हो गई है, फिर भी यह 2019 के प्री-कोविड वर्ष में दर्ज 22.9% से अधिक है।

युवा बेरोज़गारी दर का तात्पर्य कार्यबल में उन लोगों से है जिनकी आयु 15 से 24 वर्ष है और उनके पास नौकरी नहीं है, लेकिन वे सक्रिय रूप से नौकरी/रोज़गार की तलाश कर रहे हैं।

स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया, 2023 अध्ययन में पाया गया कि 25 वर्ष से कम आयु के स्नातकों के बीच बेरोज़गारी दर वर्ष 2021-2022 में 42.3% थी, जबकि समग्र बेरोज़गारी दर 8.7% थी।

इन विशिष्ट समूहों को संबोधित करने के उद्देश्य से संबंधित पहल क्या हैं?

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष प्रश्न   

प्रिलिम्स:

प्रश्न. UNDP के समर्थन से ऑक्सफ़ोर्ड निर्धनता एवं बहु-आयामी निर्धनता सूचकांक में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सम्मिलित है/हैं?  (2012)

1- पारिवारिक स्तर पर शिक्षा,स्वास्थ्य, सम्पत्ति तथा सेवाओं से वचन
2- राष्ट्रीय स्तर पर क्रय-शक्ति समता
3- राष्ट्रीय स्तर पर बजट घाटे की मात्रा और GDP की विकास दर

निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1, और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)


प्रश्न. प्रच्छन्न बेरोजगारी का सामान्यतः अर्थ होता है कि-  (2013)

(a) लोग बड़ी संख्या में बेरोज़गार रहते हैं
(b) वैकल्पिक रोज़गार उपलब्ध नहीं है
(c) श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य है
(d) श्रमिकों की उत्पादकता कम है

उत्तर: (c)


प्रश्न.‘किसान क्रेडिट कार्ड’ योजना के अंतर्गत निम्नलिखित में से किन-किन उद्देश्यों के लिये कृषकों को अल्पकालीन ऋण समर्थन उपलब्ध कराया जाता है?

  1. फार्म परिसंपत्तियों के रख-रखाव हेतु कार्यशील पूंजी के लिये
  2.  कंबाइन कटाई मशीनों, ट्रैक्टरों एवं मिनी ट्रकों के क्रय के लिये
  3.  फार्म परिवारों की उपभोग आवश्यकताओं के लिये
  4.  फसल कटाई के बाद खर्चों के लिये
  5.  परिवार के लिये घर निर्माण तथा गाँव में शीतागार सुविधा की स्थापना के लिये।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये

(a) केवल 1, 2 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 3, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: (b)


प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2017)

1- राष्ट्रव्यापी ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम (सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम)’ का उद्देश्य है सिंचित कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करना।
2- मृदा गुणवत्ता के आधार पर किसानों को दिये जाने वाले ऋण की मात्रा के आकलन में बैंकों को समर्थ बनाना।
3- कृषि भूमि में उर्वरकों के अति-उपयोग को रोकना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)


मेन्स:

प्रश्न1. भारत में सबसे ज्यादा बेरोज़गारी प्रकृति में संरचनात्मक है। भारत में बेरोज़गारी की गणना के लिये  अपनाई गई पद्धति का परीक्षण कीजिये और सुधार का सुझाव दीजिये। (2023)

प्रश्न2. लगातार उच्च विकास के बावजूद भारत अभी भी मानव विकास के निम्नतम संकेतकों पर है। उन मुद्दों की जाँच कीजिये जो संतुलित और समावेशी विकास को दुशप्राप्य बनाते हैं। (2016) (2016)

प्रश्न3. हम देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में वृद्धि देख रहे हैं। इसके खिलाफ मौजूदा कानूनी प्रावधानों के बावजूद ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। इस खतरे से निपटने के लिये कुछ अभिनव उपाय सुझाइये। (2014)

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2
× Snow