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भारतीय अर्थव्यवस्था

भुगतान बैंक द्वारा ग्राहकों की सेवा हेतु कई उपायों पर ज़ोर

  • 27 Aug 2018
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

सर्वव्यापी डाकिया, जो पूरे देश में पत्र, पार्सल और मनी ऑर्डर से संबंधित सेवा प्रदान करते हैं, को पार्ट-टाइम बैंकर की भूमिका निभाने के लिये प्राथमिकता दी जा रही है| यह कार्य स्मार्टफोन और बॉयोमेट्रिक उपकरणों को खरीदने के लिये सरकारी स्वामित्व वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की एक महत्त्वाकांक्षी योजना के माध्यम से किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • IPPB, जिसे 17 अगस्त, 2016 को डाक विभाग के तहत 100 प्रतिशत सरकारी स्वामित्व के साथ पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित किया गया था, डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा के लिये लगभग 1.6 लाख स्मार्टफोन और लगभग 2.7 लाख बायोमेट्रिक डिवाइस (स्कैनर) खरीदना चाहता है। इसका टैगलाइन “आपका बैंक, आपके द्वार” है|
  • यह देश भर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खरीदने में सेवाप्रदाताओं की मदद करेगा जो यह  प्रदर्शित करता है कि यह नया बैंक अपने प्रतिस्पर्द्धियों को किस प्रकार चुनौती देने के लिये तैयार है।
  • इसके तहत  भुगतान और प्रेषण सेवाएँ प्रदान की जाएंगी साथ ही साझाकरण के आधार पर गैर-जोखिम बीमा और म्यूचुअल फंड उत्पादों, उदाहरण के लिये साधारण वित्तीय उत्पादों का वितरण वास्तव में जोर पकड़ रहा है।
  • IPPB ने कहा है कि 3,250 एक्सेस पॉइंट्स के लॉन्च होने पर वह ज़िला, शहर और गाँव स्तर पर अपने ग्राहकों की सेवा के लिये लगभग 1.55 लाख डाकघरों और तीन लाख डाक कर्मचारियों के विशाल डाक नेटवर्क का लाभ उठाएगा।
  • संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने मार्च में लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा था कि IPPB ने रायपुर और रांची में पायलट शाखा की शुरुआत की है।
  • उन्होंने कहा कि 1.55 लाख डाकघरों के साथ आईपीपीबी शाखाओं का पूर्ण एकीकरण किया जाएगा ताकि प्रत्येक डाकघर, डाक विभाग के आउटलेट और भुगतान बैंक तकनीकी तथा व्यावसायिक व्यवहार्यता के साथ एक एक्सेस पॉइंट के रूप में कार्य कर सके| अप्रैल 2018  से 650  शाखाओं की शुरुआत अखिल भारतीय स्तर पर की गई है|
  • IPPB अपने बैंकिंग परिचालनों के लिये डाक विभाग के एटीएम नेटवर्क का लाभ उठाएगा जो पहले से ही अन्य बैंकों के एटीएम नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। डाक विभाग में वर्तमान में 995 एटीएम हैं।

मांग को पूरा करना

  • डाक विभाग यह मानता है कि  देश के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर भारतीय आबादी की गतिशीलता ने संचार और वित्तीय सेवाओं के संबंध में नई और ज़रूरी मांगों को जन्म दिया है।
  • जिस गति के साथ संचार और अन्य प्रकार के लेन-देन को उच्च स्तर की विश्वसनीयता के साथ निष्पादित करने की आवश्यकता है उसके अनुरूप यह कार्य अब वास्तविक समय में किया जा रहा है।
  • विभाग ने अपनी रणनीतिक योजना में कहा है कि पहुँच, पारदर्शिता, विश्वसनीयता और गति के साथ बेहतर सुविधाओं, सेवाओं और उत्पादों की आवश्यकता बाज़ार में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
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