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जैव विविधता और पर्यावरण

भारतीय राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता संसाधन कार्यक्रम

  • 25 Jun 2022
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

NARFI, वायु प्रदूषण 

मेन्स के लिये:

स्वास्थ्य, संरक्षण।

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के सहयोग से राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान (NIAS), बंगलूरु द्वारा विकसित "भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता संसाधन फ्रेमवर्क (National Air Quality Resource Framework of India- NARFI)" पर एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करने के लिये एक विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

NARFI: 

  • पृष्ठभूमि: 
    • NARFI भारत के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के मुद्दों को संबोधित करने के लिये सरकार, नगरपालिकाओं, स्टार्ट-अप और निजी क्षेत्रों में निर्णय लेने वालों की मदद करने हेतु एक सूचना तंत्र है। 
    • इसे अनुसंधान-आधारित परीक्षित सूचना और उद्योग-उन्मुख समाधानों को समझने हेतु आसान प्रारूप में साझा किया जाएगा। 
    • सरकारी प्रतिष्ठानों, कार्यान्वयनकर्त्ताओं, मीडिया और नीति निर्माताओं में सक्रिय ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों जैसे विभिन्न समूहों के लिये तैयार किये गए अल्पकालिक बुनियादी प्रशिक्षण मॉड्यूल इस कार्यक्रम के अभिन्न अंग होंगे। 
  • उद्देश्य: 
    • संचार को समृद्ध करने और सामान्य जागरूकता बढ़ाने में मदद करना  
  • मॉड्यूल: NARFI निम्नलिखित पाँच मॉड्यूल के इर्द-गिर्द विकसित होगा: 
    • थीम-1: उत्सर्जन स्रोत, एयर शेड और शमन। 
    • थीम-2: मानव स्वास्थ्य और कृषि पर प्रभाव 
    • थीम -3: एकीकृत निगरानी, पूर्वानुमान और चेतावनी कार्यक्रम 
    • थीम-4: लोक-संपर्क, सामाजिक आयाम, संक्रमण रणनीति और नीति 
    • थीम-5: समाधान, सार्वजनिक-उद्योग साझेदारी, पराली जलाना और नई तकनीक 
  • महत्त्व:  
    • यह ज्ञान निर्माण, बुनियादी ढाँचे और औद्योगिक संरचनाओं के विकास तथा देश में मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों का अध्ययन करने में सक्षम होगा। 
    • यह वायु गुणवत्ता डेटा एकत्र करने, इसके प्रभाव का अध्ययन करने और विज्ञान आधारित समाधानों को लागू करने के लिये एक सर्व-समावेशी मार्गदर्शिका प्रदान करेगा। 

वायु प्रदूषण: 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्षों के प्रश्न: 

प्रश्न: निम्नलिखित पर विचार कीजिये: (2011) 

  1. कार्बन डाइऑक्साइड
  2. नाइट्रोजन के ऑक्साइड
  3. सल्फर के ऑक्साइड

उपर्युक्त में से कौन-सा/से ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले के दहन से उत्सर्जित होते है/हैं? 

(a) केवल 1  
(b) केवल 2 और  3  
(c) केवल 1 ओर 3 
(d) 1, 2 और 3  

उत्तर: (d)  

व्याख्या: 

  • कोयला आधारित बिजली संयंत्र वायुमंडलीय वायु प्रदूषण में प्रमुख योगदानकर्त्ता हैं और ग्लोबल वार्मिंग और प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभावों में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं जो अंततः फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। 
  • कोयले के जलने से निकलने वाले ज़हरीले यौगिकों में शामिल हैं: 
    • कार्बन के ऑक्साइड (COx), कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड।  
    • नाइट्रोजन के ऑक्साइड (NOx)  
    • सल्फर के ऑक्साइड (SOx)।  
    •  फ्लाई ऐश। 
  • मरकरी, कैडमियम और लेड जैसे  तत्त्व भी उत्सर्जित होते हैं जो स्वास्थ्य के लिये भी खतरनाक होते हैं। अतः विकल्प (D) सही उत्तर है। 

स्रोत: पी.आई.बी  

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