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भारतीय अर्थव्यवस्था

खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड

  • 02 Aug 2019
  • 3 min read

चर्चा में क्यों?

भारत के घरेलू बाज़ार को महत्त्वपूर्ण खनिजों की सप्‍लाई सुनिश्चित करने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के तीन केंद्रीय प्रतिष्‍ठान- राष्‍ट्रीय एल्‍यूमि‍नियम कम्‍पनी लिमिटेड (NALCO), हिन्‍दुस्‍तान कॉपर लिमिटेड (HCL) तथा मिनरल एक्‍सप्लोरेशन कम्‍पनी लिमिटेड (MECL) की भागीदारी से खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (Khanij Bidesh India Ltd.-KABIL) की स्थापना की जाएगी।

‘KABIL’ के कार्य

  • ‘KABIL’ वाणिज्यिक उपयोग और घरेलू आवश्‍यकताओं के लिये विदेशों में महत्त्वपूर्ण खनिजों की पहचान, अधिग्रहण, खोज, विकास, खनन और प्रसंस्करण का कार्य करेगी।
  • यह नई कम्‍पनी ऑस्‍ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे खनिज सम्‍पन्‍न देशों के साथ साझेदारी बनाने का भी कार्य करेगी, जिससे नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे।

‘KABIL’ की स्थापना के लाभ

  • इसकी सहायता से भारत के घरेलू बाजार में महत्त्वपूर्ण खनिजों की सप्‍लाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
  • यह खनिजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
  • इसके अतिरिक्त यह आयात विकल्‍प के समग्र उद्देश्यों की पूर्ति में भी सहायक होगी।

‘KABIL’ की स्थापना के प्रमुख उद्देश्य

  • भारत में परिवहन और विनिर्माण के लिए खनिज और धातु सामग्रियों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और इसकी पूर्ति के लिये निरंतर स्रोत आवश्‍यक हैं।
  • संयुक्त राष्‍ट्र जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन, पेरिस, 2015 में ग्रीन हाउस गैस उत्‍सर्जन कम करने और परिवहन के हरित उपाय अपनाने के बारे में भारत की वचनबद्धता है और इसी के तहत इलेक्‍ट्रिक वाहन मोबिलिटी पर अधिक बल दिया जा रहा है।
  • इसके अतिरिक्त विमानन, रक्षा तथा अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी कम भार की और उच्‍च मैकेनिकल शक्ति के खनिजों की आवश्‍यकता होती है।

NALCO, HCL तथा MECLके बीच इक्विटी भागीदारी 40:30:30 अनुपात में होगी।

स्रोत: पीआईबी

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