हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

डेली अपडेट्स

भारतीय राजनीति

सदन में बहुमत

  • 20 Mar 2020
  • 5 min read

प्रीलिम्स के लिये:

विधान सभा अध्यक्ष की शक्ति और अधिकार, ध्वनिमत, मत विभाजन, मतपत्र, फ्लोर टेस्ट

मेन्स के लिये:

राजनीतिक अस्थिरताओं से संबंधित मुद्दे 

चर्चा में क्यों?

मध्य प्रदेश की हालिया राजनीतिक अस्थिरताओं के बीच ‘शक्ति परीक्षण’ या ‘विश्वास मत’ जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।

प्रमुख बिंदु:

  • संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, राज्य में कोई भी सरकार तभी काम कर सकती है जब उसे विधानसभा में बहुमत प्राप्त हो।
  • जब कभी विपक्ष को लगता है कि वर्तमान सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है तो विपक्ष सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार को गिराने की कोशिश करता है।

फ्लोर टेस्ट (Floor Test):

  • फ्लोर टेस्ट यह निर्धारित करने में मदद करता है कि वर्तमान सरकार के पास बहुमत है या नहीं।
  • जब किसी राज्य की विधानसभा में एक फ्लोर टेस्ट बुलाया जाता है, तो मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करना होता है। फ्लोर टेस्ट में असफल होने की स्थिति में मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ता है।

विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव में अंतर:

  • विश्वास प्रस्ताव:
    • विश्वास प्रस्ताव सरकार की तरफ से लाया जाता है जिससे वह साबित कर सके कि उनके पास बहुमत है।
    • विश्वास प्रस्ताव सदन में पेश होने के बाद इस पर चर्चा होती है और अंत में इस पर मतदान होता है कि कितने सदस्य सरकार के पक्ष में तथा कितने विपक्ष में हैं ।
    • अगर वर्तमान सरकार के पास आधे से ज्यादा सदस्य सरकार के पक्ष में होते है तो सरकार को कोई खतरा नही होता है।   
  • अविश्वास प्रस्ताव:
    • अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ लाया जाता है।
    • यह प्रस्ताव लाने हेतु विधायक/सांसद को विधानसभा/लोकसभा अध्यक्ष को लिखित सूचना देनी होती है। विधानसभा अध्यक्ष से मंज़ूरी के पश्चात् अविश्वास प्रस्ताव पेश होता है।
    • नोटिस मंज़ूर होने के 10 दिनों के अंदर सदन में इस पर बहस कराने और मत विभाजन कराने का प्रावधान है।
    • अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पूरी होने के बाद लोकसभा/विधानसभा अध्यक्ष इस पर मत विभाजन, ध्वनिमत या मतपत्र के जरिए मतदान कराता है। लोकसभा में नियम 198 के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाने की व्यवस्था की गई है।

सदन में मतदान के प्रकार:

  • ध्वनिमत (Voice Vote): विधायिका मौखिक रूप से प्रतिक्रिया देती है।
  • मत विभाजन (Division Vote): मत विभाजन के मामले में, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, स्लिप्स या बैलेट बॉक्स का उपयोग करके मतदान किया जाता है।
  • मतपत्र (Ballot Vote): बैलेट बॉक्स आमतौर पर एक गुप्त वोट होता है- जैसे राज्य या संसदीय चुनाव के दौरान लोग वोट देते हैं।

विधान सभा अध्यक्ष के अधिकार और शक्तियाँ 

  • विधान सभा परिसर में सर्वोच्च प्राधिकार।
  • सदन में अनुशासन बनाए रखना।
  • सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने की ज़िम्मेदारी।
  • सदन की कार्यवाही संचालन के लिये नियम बनाने की शक्ति।
  • कोरम के अभाव में सदन को स्थगित या निलंबित करने की शक्ति।
  • सामान्य स्थिति में मत नही दे सकते हैं लेकिन बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत दे सकता है।
  • सदस्यों को सदन में बोलने की अनुमति देना।
  • अशिष्ट आचरण या विशेषाधिकार भंग करने पर संबंधित सदस्य को निष्कासित कर सकते हैं।
  • प्रश्न, प्रस्ताव या संकल्प को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार।
  • जरूरी होने पर किसी नियम को निलंबित करने की शक्ति।
  • अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन के परिसर में सदन के किसी भी सदस्य को गिरफ्तार नही किया जा सकता है।  

स्रोत: राज्यसभा टीवी

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close