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शासन व्यवस्था

ई-पासपोर्ट : पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP)

  • 10 Jan 2022
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (पीएसपी), ई-पासपोर्ट

मेन्स के लिये:

ई-पासपोर्ट और इसका महत्त्व

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत सरकार ने घोषणा की है कि वह जल्द ही नए पासपोर्ट के लिये आवेदन करने या अपने समाप्त हो रहे पासपोर्ट को नवीनीकृत करने वाले नागरिकों को ई-पासपोर्ट जारी करना शुरू करेगी।

प्रमुख बिंदु

  • परिचय:
    • यह घोषणा विदेश मंत्रालय (MEA) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ लिमिटेड (TCS) के बीच हस्ताक्षरित एक समझौते के तहत है, PSP (पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम) के अगले चरण को PSP-V2.0 कहा जाएगा।
      • MEA-TCS सहयोग वर्ष 2008 से पासपोर्ट प्रक्रिया का एक हिस्सा रहा है और इसने जटिल प्रक्रिया के डिजिटलीकरण को बढ़ाने में मदद की है जिसके लिये विशाल सरकारी नेटवर्क के स्पेक्ट्रम में कई हितधारकों की आवश्यकता होती है।
    • टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ ‘नागरिक इंटरफेस, प्रौद्योगिकी बैकबोन, कॉल सेंटर, प्रशिक्षण और परिवर्तन प्रबंधन’ जैसे "समर्थन कार्यों" की उपलब्धता को सुनिश्चित करेगी।
    • पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में सरकार ‘सभी संप्रभु और सुरक्षा संबंधी कार्यों’ का प्रयोग करेगी।
  • पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP):
    • पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) भारत के कई मिशन मोड प्रोजेक्ट्स (MMPs) में से एक है।
      • ‘मिशन मोड प्रोजेक्ट’ (MMP) राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के भीतर एक ऐसी परियोजना होती है, जो बैंकिंग, भूमि रिकॉर्ड या वाणिज्यिक कर आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक शासन के एक पहलू पर केंद्रित होती है।
  • PSP-V2.0:
    • PSP-V2.0, PSP-V1.0 का ही विस्तार है, जो एक ई-सरकारी उपकरण है, जिसके तहत पासपोर्ट से संबंधित सेवाओं के वितरण में नए बदलाव किये गए हैं।
    • नई पहल का उद्देश्य एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना है जो "पारदर्शी, अधिक सुलभ और विश्वसनीय" होगा तथा यह एक प्रशिक्षित कार्यबल द्वारा समर्थित होगा।
    • यह एक अत्याधुनिक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगा, मौजूदा प्रक्रियाओं को ठीक करेगा और पासपोर्ट जारी करने में शामिल सरकार के विभिन्न अंगों को एकीकृत करेगा। 
  • PSP-V2.0 की नई विशेषताएंँ:
    • नए कार्यक्रम में नवीनतम बायोमेट्रिक्स प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस डेटा एनालिटिक्स, चैट-बॉट, ऑटो-प्रतिक्रिया, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, क्लाउड सक्षमता के उपयोग सहित प्रौद्योगिकी उन्नयन होने की उम्मीद है।
    • PSP-V2.0 के तहत सबसे नई विशेषता ई-पासपोर्ट नामक नई पीढ़ी के पासपोर्ट जारी करना होगा। 
  • ई-पासपोर्ट और इसका महत्त्व:
    • ई-पासपोर्ट पारंपरिक पासपोर्ट का अद्यतित रूप है और इसका उद्देश्य इसे अधिक सुरक्षित बनाना एवं विश्व स्तर पर अप्रवासन के लिये सुगम मार्ग सुनिश्चित करना है।
    • ई-पासपोर्ट को एक चिप के साथ एम्बेड किया जाएगा जिसमें जीवन संबंधी जानकारी सहित धारक के व्यक्तिगत विवरण शामिल होगा।
    • ई-पासपोर्ट के लिये सॉफ्टवेयर आईआईटी कानपुर और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है।
      • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत NIC भारत सरकार का प्रौद्योगिकी भागीदार है। एनआईसी की स्थापना वर्ष 1976 में केंद्र और राज्य सरकारों को प्रौद्योगिकी संचालित समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
    • यह विश्व भर में आव्रजन प्रक्रिया (Immigration Process) को आसान बनाएगा और पासपोर्ट धारकों के लिये डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देगा।
    • ई-पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (International Civil Aviation Organisation- ICAO) के मानकों का पालन करेंगे।
      • ICAO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जिसे वर्ष 1944 में स्थापित किया गया था, जिसने शांतिपूर्ण वैश्विक हवाई नेविगेशन हेतु मानकों और प्रक्रियाओं की नींव रखी। भारत इसका सदस्य देश है।

स्रोत: द हिंदू 

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