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‘स्वास्थ्य के लिये कनेक्टिविटी’ परियोजना

  • 03 Aug 2018
  • 3 min read

चर्चा में क्यों?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), दूरसंचार मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 'स्वास्थ्य के लिये कनेक्टिविटी' परियोजना हेतु एक साथ मिलकर काम करेंगे।

प्रमुख बिंदु 

  • इस परियोजना का उद्देश्य सभी ग्रामीण इलाकों को सरकारी अस्पतालों के साथ जोड़ना है ताकि वीडियो कॉलिंग के माध्यम से जाने-माने डॉक्टरों तक उनकी पहुँच सुनिश्चित की जा सके। 
  • इस परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन की सेवा प्रदान करने के लिये एक विशेष ब्रॉडबैंड लाइन के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • सरकार द्वारा पहले से ही 'डिजिटल इंडिया' पहल के हिस्से के रूप में विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जैसे- ई-हास्पिटल जो कि एक ओपन सोर्स स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली है।
  • इस परियोजना के अंतर्गत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिये केवल बीएसएनएल और रेलटेल पर निर्भर होने की बजाय भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों को भी वर्तमान में उनकी ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर पहुँच के कारण भाग लेने की अनुमति दिये जाने पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
  • हाल ही में MietY और स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरे देश में तीन लाख आम सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के लिये भी करार किया है।
  • आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना है, जिसमें द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये 5 लाख रुपए (प्रति परिवार प्रतिवर्ष) तक कवरेज प्राप्त करने वाले 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवार (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) शामिल होंगे।
  • समझौते के मुताबिक, लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिये अपने नज़दीक के सीएससी में जा सकते हैं। सीएससी लाभार्थी को स्वास्थ्य मंत्रालय डेटाबेस में उसके नाम और योजना के लिये उसकी पात्रता की पहचान करने में मदद करेगा।
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