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गरज/बिजली के लिये ‘एंड-टू-एंड’ भविष्यवाणी प्रणाली

  • 15 Jan 2019
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?


हाल ही में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) द्वारा अप्रैल 2019 तक गरज/बिजली अवलोकन नेटवर्क को मज़बूत बनाने के लिये ‘एंड-टू-एंड’ भविष्यवाणी प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा बताया गया है कि पिछले वर्ष मानसून से पहले आए आंधी तूफान एवं बारिश से हुए जान-माल की हानि को देखते हुए जल्द ही एक ऐसे उपकरण का प्रयोग किया जाएगा जो मौसम की सटीक जानकारी देगा।
  • इसे पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Tropical Meteorology-IITM) और नई दिल्ली स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा विकसित किया जा रहा है।
  • IITM पुणे ने देश में पहले से ही बिजली के 48 सेंसर लगाए हैं, जो वास्तविक समय (Real Time) पर आंधी/बिजली की गतिविधियों का पता लगा सकते हैं।
  • IITM पुणे ने क्षेत्र पर होने वाली बिजली गतिविधि पर चेतावनी देने के लिये ‘DAMINI’ नामक एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया है।
  • वर्तमान में IITM (पुणे) और IMD (दिल्ली) दोनों मिलकर किसानों और शहर के पूर्वानुमानों के लिये मोबाइल ऐप के साथ एक नई वेबसाइट विकसित कर रहे हैं। ये नए उपकरण IMD को यथा-समय पूर्वानुमान और चेतावनियों को प्रसारित करने में मदद करेंगे।

अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • IMD अवलोकन नेटवर्क को मज़बूत कर रहा है और इस साल के अंत तक, उत्तर-पश्चिम हिमालय (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर) पर 10 नए एक्स-बैंड (X-band) मौसम रडार स्थापित किये जाने का अनुमान है।
  • भारत के मैदानी इलाकों में 2020 तक अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर एक और लक्षद्वीप द्वीप समूह पर 11 अन्य सी-बैंड (C-Band) रडार लगाए जाएंगे।
  • IITM (पुणे), मुंबईमें IMD और मुंबई नगर निगम की मदद से रेन-गेज नेटवर्क (Rain-Gauge Network) एवं 4 X-Band रडार स्थापित कर रहा है। जिससे 2 किमी रिज़ॉल्यूशन पर होने वाले वर्षा के आँकड़े को तैयार किया जा सके और वास्तविक समय पर जनता को जानकारी उपलब्ध कराया जा सके।
  • इससे पहले मौजूदा 130 कृषि मौसम क्षेत्र इकाइयों (Agro Meteorological Field Units) तथा 8 नए ज़िला कृषि मौसम क्षेत्र इकाइयों (District Agro Meteorological Field Units - DAMUs) को जोड़ा गया है जो स्थापित किये गए हैं और 200 ब्लॉकों में ब्लॉक स्तर पर कृषि मौसम पूर्वानुमान भी शुरू किये गए हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

  • IMD, जिसे मौसम विभाग भी कहा जाता है, भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक एजेंसी है। यह मौसम संबंधी गतिविधियों, मौसम की भविष्यवाणी और भूकंपीय विज्ञान की समस्त जानकारियों का पता लगाती है।

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान

  • पुणे अवस्थित यह संस्थान भारत में मौसम विज्ञान और वायु-समुद्र की विशेष गतिविधियों के साथ उष्णकटिबंधीय महासागर, हिंद महासागर में अनुसंधान के विस्तार के लिये एक वैज्ञानिक संस्थान है।

रडार (Radio Detection And Ranging)

  • रडार एक पहचान प्रणाली है जो वस्तुओं की सीमा, कोण या वेग को निर्धारित करने के लिये रेडियो तरंगों का उपयोग करती है।
  • इसका उपयोग विमान, जहाजों, अंतरिक्ष यान, निर्देशित मिसाइलों, मोटर वाहनों, मौसम संरचनाओं एवं इलाके का पता लगाने के लिये किया जा सकता है।

रेन-गेज नेटवर्क( Rain-Gauge Network)


मौसम वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित अवधि में एकत्रित वर्षा जल की मात्रा को मापने के लिये उपयोग किया जाता है।


स्रोत – PIB

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