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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

परिवहन के लिये एक केंद्रीय निकाय के गठन पर विचार

  • 25 Apr 2017
  • 4 min read

संदर्भ
प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह संकेत दिया है कि केंद्र ने परिवहन संबंधी(जिनमें विमानन,रेलवे,भूतल  और जलमार्ग शामिल हैं) सभी मामलों के लिये एक केन्द्रीय निकाय के गठन पर विचार-विमर्श करना प्रारंभ कर दिया है|

प्रमुख बिंदु

  • अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित ‘लॉजिस्टिक्स और एकीकृत परिवहन बोर्ड’(Logistics and Integrated Transport Board) आरंभ में भारत की कुशल बहुरूपी परिवहन प्रणाली को सुगम बनाने के लिये अंतर-मंत्रिस्तरीय समन्वय को सुधारने का कार्य करेगा|
  • इस ‘अम्ब्रेला’(umbrella) निकाय(जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अथवा भारत सरकार के अध्यक्ष द्वारा की जाएगी)में वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग ,विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के प्रमुख अधिकारीगण और प्रतिस्पर्द्धात्मक पहलुओं को संबोधित करने के लिये भारतीय उद्योगों के प्रतिनिधि और विधि विशेषज्ञ भी शामिल होंगे| 

केंद्रीय निकाय के गठन का उद्देश्य

  • इसका उद्देश्य अधिक कारोबारी सुगम्यता और भारत के आतंरिक और बाह्य व्यापार को सुनिश्चित करने के लिये विमानन, रेलवे, भूतल परिवहन और नौवहन मंत्रालयों का विलय कर धीरे-धीरे एक एकीकृत परिवहन मंत्रालय की स्थापना करना है| यह एनडीए सरकार के स्लोगन ‘नयूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ को अपनाने पर बल देता है||
  • राष्ट्रीय स्तर पर एक एकल एकीकृत (single unified) ' लॉजिस्टिक्स और एकीकृत परिवहन निकाय' वर्तमान प्रणाली की तुलना में लाभकारी सिद्ध होगा|
  • इस परिप्रेक्ष्य में केंद्र, राष्ट्रीय परिवहन विकास नीति समिति की रिपोर्ट पर विचार कर रहा है| इस समिति की अध्यक्षता राकेश मोहन द्वारा की गई थी||
  • इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इनमें से कुछ समेकित राष्ट्रीय एजेंसियों को संचार(अथवा समकक्ष) मंत्रालय के साथ भी जोड़ा जाएगा| 
  • इस रिपोर्ट ने यह सुझाव दिया कि भारत को एक स्पष्ट अधिदेश के माध्यम से बहुरूपी  परिवहन प्रणाली का वितरण(जो भारत के बड़े लक्ष्यों में योगदान करती है जैसे-आर्थिक विकास,रोज़गार का प्रसार,अवसरों का भौगोलिक प्रसार, पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा) करने के लिये एक एकल एकीकृत मंत्रालय की आवश्यकता है|
  • केंद्र सरकार 50,000 करोड़ से अधिक धनराशि का निवेश कर 35 बहुरूपी लॉजिस्टिक्स के निर्माण की भी योजना बना रही है|

निष्कर्ष
भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और रसद से जोड़ने के लिये केंद्र सरकार ने पिछले माह ही संयुक्त राष्ट्र के टीआईआर सम्मेलन में भारत के प्रवेश को स्वीकृति प्रदान की थी| यह भारतीय व्यापारियों को क्षेत्र में सड़क अथवा बहुरूपी साधनों के माध्यम से वस्तुओं के आवागमन के लिये परेशानी मुक्त वैश्विक प्रणाली तक पहुँच बनाने में सहायता करेगा|

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