इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली न्यूज़


अंतर्राष्ट्रीय संबंध

प्रोजेक्ट मौसम

  • 25 Jul 2017
  • 4 min read

संदर्भ
प्रोजेक्ट मौसम भारतीय संस्कृति मंत्रालय की एक परियोजना है जिसे सहयोगी निकायों के रूप में भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India - ASI) एवं राष्ट्रीय संग्राहलय की सहायता से नोडल समन्वय एजेंसी के रूप में इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र (Indira Gandhi National Centre for the Arts - IGNCA), नई दिल्ली द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है|

उद्देश्य

  • इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बहुआयामी हिन्द महासागर के संबंध में पुरातत्व एवं ऐतिहासिक स्तर का अनुसन्धान करना है ताकि विविधता से भरे इस क्षेत्र के सांस्कृतिक, वाणिज्यिक एवं धार्मिक अंतर्संबंधों को उजागर किया जा सकें|
  • इसका उद्देश्य समुद्री मार्गों के अध्ययन से संबंधित विषयों पर शोध कार्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची हेतु ट्रांस-नेशनल नामांकन के रूप में प्रोजेक्ट मौसम के तहत स्थानों एवं स्थलों की पहचान करना भी है| 
  • मानसून पद्धतियों, सांस्कृतिक मार्गों तथा समुद्री परिदृश्यों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रोजेक्ट मौसम के अंतर्गत उन सभी प्रक्रियाओं और परिदृश्यों की जांच की जा रही है जो हिन्द महासागर तट के विभिन्न भागों के साथ-साथ उन भागों को भी जोड़ती है जो समुद्री तटक्षेत्र से जुड़े हुए है|  
  • व्यापक अर्थ में प्रोजेक्ट मौसम का लक्ष्य यह समझना है कि मानसून हवाओं के ज्ञान और चालन ने हिन्द महासागर की संस्कृति को पारस्परिक रूप से किस प्रकार प्रभावित किया है| साथ ही यह भी पता लगाना है कि समुद्री मार्गों पर सहभागी ज्ञान प्रणालियों, परम्पराओं, प्रौद्योगिकियों तथा विचारों का क्या प्रभाव हुआ है|

प्रोजेक्ट मौसम का प्रयास दो स्तरों पर स्वयं को अवस्थित करना है –

(1) वृहद् स्तर पर इसका लक्ष्य हिन्द महासागर के भूभाग के देशों के बीच संचार को जोड़ना और फिर से स्थापित करना है जिससे इन देशों के मध्य सांस्कृतिक मूल्यों और सरोकारों की बेहतर समझ विकसित हो सकें|
(2) सूक्ष्म स्तर पर इसका ध्यान इन देशों के क्षेत्रीय समुद्री वातावरण में राष्ट्रीय संवर्धन को समझना और प्रोत्साहित करना है|

प्रमुख बिंदु 

  • सर्वप्रथम प्रोजेक्ट मौसम की शुरुआत जून 2014 में विश्व सांस्कृतिक समिति की 38 वीं बैठक में हुई थी|  
  • इस परियोजना के तहत हिन्द महासागरीय क्षेत्र के निम्नलिखित 39 देशों को सूचीबद्ध किया गया है, - बहरीन, बांग्लादेश, कंबोडिया, चीन, कोमोरोस, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, ईरान, जोर्डन, कुवैत, केन्या, लेबनान, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरिशस, मोजाम्बिक, ओमान, पाकिस्तान, क़तर, श्रीलंका इत्यादि|
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2