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भारत-मेक्सिको संबंध

  • 15 Oct 2020
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

कॉफी क्लब 

मेन्स के लिये:

भारत-मेक्सिको संबंध

चर्चा में क्यों?

हाल ही में व्यापार सम्मेलन, निवेश और सहयोग पर भारत-मेक्सिको ‘द्विपक्षीय उच्च-स्तरीय समूह’ (BHLG) की 5वीं बैठक ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से आयोजित की गई।

प्रमुख बिंदु:

  • वाणिज्य सचिव स्तर पर व्यापार, निवेश और सहयोग के लिये BHLG की चौथी बैठक जुलाई 2016 में मेक्सिको सिटी (मेक्सिको की राजधानी) में आयोजित की गई थी।
  • 1 अगस्त, 2020 को भारत और मेक्सिको ने अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगाँठ मनाई।
  • दोनों पक्षों द्वारा ऑडियो-विज़ुअल को-प्रोडक्शन, द्विपक्षीय निवेश संधि, कृषि उत्पादों के लिये बाज़ार पहुँच, ‘सैनीटरी एवं फाइटोसैनिटरी’ (SPS) पर एक सहयोग फ्रेमवर्क तथा तकनीकी बाधाओं से लेकर व्यापार (TBT) उपायों, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), पर्यटन में सहयोग, पीपल-टू-पीपल संपर्क सहित कई द्विपक्षीय तथा प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
  • दोनों देशों द्वारा फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि उत्पाद, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण और एयरोस्पेस उद्योग आदि में सहयोग बढ़ाने के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों का विस्तार और विविधता लाने पर सहमति व्यक्त की गई है।
  • प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिये दो समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गए हैं:
  • इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तथा दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी।
  • विदेश व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी।

भारत-मेक्सिको संबंध:

Mexico

संबंधो की पृष्ठभूमि:

  • अतीत में भारत और मेक्सिको दोनों उपनिवेश रह चुके हैं,  इस नाते दोनों देशों के औपनिवेशिक युग के यूरोप से साझा संबंध थे। 
  • मेक्सिको स्वतंत्रता के बाद भारत को मान्यता देने और वर्ष 1950 में भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला लैटिन अमेरिकी देश था।
  • 1960 के दशक में गेहूँ के संकर बीज तैयार करने में मेक्सिकन गेहूँ की किस्मों का इस्तेमाल किया गया जो भारत में ‘हरित क्रांति’ का आधार थी।
  • शीत युद्ध के वर्षों में मेक्सिको और भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सदस्यों के रूप में साथ मिलकर काम किया। दोनों देशों ने विकासशील देशों जैसे- ‘उरुग्वे राउंड ऑफ ट्रेड नेगोशिएशन’ (विश्व व्यापार संगठन के तहत) के हितों का सक्रिय रूप से समर्थन किया।
  • दोनों देश G-20 के सदस्य हैं।

राजनीतिक और द्विपक्षीय सहयोग:

  • दोनों देशों द्वारा वर्ष 2007 में एक 'प्रिविलेज्ड पार्टनरशिप' की स्थापना की गई।
  • वर्ष 2015 में दोनों देशों द्वारा 'रणनीतिक साझेदारी' हासिल करने की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की गई।
  • दोनों देशों द्वारा कई द्विपक्षीय समझौतों और समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये गए हैं, जिनमें निवेश संवर्द्धन और संरक्षण, प्रत्यर्पण, सीमा शुल्क मामलों में प्रशासनिक सहायता, अंतरिक्ष सहयोग आदि शामिल हैं।
  • भारत 'भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग' (ITEC) कार्यक्रम के तहत मेक्सिको को 20 छात्रवृति प्रदान करता है और मेक्सिकन राजनयिकों को भी 'भारतीय वन सर्वेक्षण' (FSI) में प्रशिक्षण दिया जाता है।

आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध:

  • मेक्सिको वर्तमान में लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वर्ष 2018-19 में भारत के कुल व्यापार का लगभग एक चौथाई भाग इस क्षेत्र के साथ था। 
  • भारत वर्तमान में मेक्सिको का 9वाँ महत्त्वपूर्ण वैश्विक व्यापारिक भागीदार है। 
  • पिछले दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार में उछाल आया है, जो वर्ष 2015-16 में लगभग 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2018-19 में 9.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है।

भारत का आयात

भारत से निर्यात 

भारत के आयात में कच्चा तेल प्रमुख है। इसके अलावा भारत विद्युत् सामान एवं मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ऑटो पार्ट्स का भी आयात करता है।

भारत के निर्यात में मुख्यत: वाहन, कार्बनिक रसायन, एल्यूमीनियम उत्पाद, लोहा एवं इस्पात और सिरेमिक उत्पाद शामिल हैं।

सुरक्षा:

  • दोनों देश बढ़ती पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, विशेष रूप से वैश्विक आतंकवाद के उदय पर समान रूप से साझा चिंता व्यक्त करते हैं।

सांस्कृतिक संबंध:

  • ‘गुरुदेव टैगोर इंडियन कल्चरल सेंटर’ अक्तूबर 2010 से मेक्सिको में योग, शास्त्रीय नृत्य, संगीत आदि की शिक्षा दे रहा है।
  • दोनों देशों के बीच वर्ष 1975 में सांस्कृतिक सहयोग पर एक समझौता किया गया था दोनों देशों के बीच 'सांस्कृतिक सहयोग के चार वार्षिक कार्यक्रमों' के माध्यम से सहयोग गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।

भारतीय समुदाय:

  • मेक्सिको में 7,000 से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रह रहे  हैं, जिनमें अधिकांश सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिक्षाविद/प्रोफेसर और निजी व्यवसायी हैं।
  • दोनों देशों के बीच पर्यटन के क्षेत्र में लगातार वृद्धि हो रही है और मेक्सिको वासियों को ऑनलाइन ई-टूरिस्ट वीज़ा की सुविधा दी गई है।

मतभेद:

  • परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर मेक्सिको और भारत के अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं। हालाँकि भारतीय प्रधानमंत्री की वर्ष 2016 की यात्रा के दौरान मेक्सिको ने भारत के लिये ‘परमाणु आपूर्तिकर्त्ता समूह’ (NSG) का हिस्सा बनने हेतु समर्थन का वादा किया था।
  • दोनों देश 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद' (UNSC) में सुधारों के मुद्दे पर मतभेद रखते हैं।
  • मेक्सिको, कॉफी क्लब या यूएफसी (Uniting for Consensus- UFC) का सदस्य रहा है, जो भारत तथा अन्य G-4 सदस्यों (जापान, जर्मनी और ब्राज़ील) की विचारधारा के विपरीत है तथा यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करता है।

आगे का राह:

  • भारत और मेक्सिको भू-जलवायु परिस्थितियों, जैव विविधता, शरीर विज्ञान और लोगों, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक मूल्यों में समानताएँ रखते हैं। दोनों देश महान सभ्यताओं और विरासत स्थलों को साझा करते हैं तथा उनके बीच सदियों पुराने संपर्क रहे हैं।
  • भारत और मेक्सिको दोनों ही वर्ष 2021-2022 की अवधि के लिये सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य हैं, जो वैश्विक शासन के मुद्दों पर अपने मतभेदों को दूर करने और पारस्परिक हित के क्षेत्रों पर बारीकी से काम करने का एक अच्छा अवसर प्रदान करता है।

स्रोत: पीआईबी

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