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उत्तर प्रदेश ने छोटे शहरों के लिये rs2,900 करोड़ की ‘नवयुग पालिका योजना’ शुरू की

  • 18 Apr 2026
  • 17 min read

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘नवयुग पालिका योजना’ नामक ₹2,915 करोड़ की एक महत्त्वाकांक्षी शहरी विकास रूपरेखा की घोषणा की है। यह पहल छोटे शहरों और कस्बों में अवसंरचना को उन्नत करने के लिये तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य टियर-II तथा टियर-III शहरी केंद्रों में स्मार्ट सिटी मिशन की सफलता को दोहराना है।

मुख्य बिंदु:

  • कुल निवेश: वर्ष 2029-30 तक पाँच वर्ष की अवधि में ₹2,915 करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा।
  • वार्षिक व्यय: नियोजित शहरी विकास पर सालाना अनुमानित ₹583 करोड़ खर्च किये जाएंगे।
    • फंडिंग मॉडल: यह योजना पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से वित्तपोषित होगी, जिसमें केंद्र से कोई वित्तीय योगदान नहीं लिया जाएगा।
  • कार्यक्षेत्र और लक्षित क्षेत्र: यह रोडमैप 17 प्रमुख नगर निगमों के बाहर आने वाले 58 ज़िला मुख्यालयों के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को लक्षित करता है।
    • शहरी बस्तियाँ: इसका मुख्य ध्यान नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों द्वारा प्रबंधित कस्बों को अपग्रेड करना है, ताकि उन्हें बड़े मेट्रो शहरों के मानकों के बराबर लाया जा सके।
    • नई टाउनशिप: इसके समानांतर, राज्य शहरी विकास के विकेंद्रीकरण के लिये 75 ज़िलों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने की योजना बना रहा है।
  • स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: छोटे कस्बों को आधुनिक सड़कों, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग से लैस करना।
    • डिजिटल गवर्नेंस: नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिये ई-सेवाओं तथा डिजिटल शासन मंचों को बढ़ावा देना।
    • जीवन की गुणवत्ता: स्वच्छ जल आपूर्ति और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली प्रदान करके ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन की सुगमता) को बढ़ाना।
  • रणनीतिक उद्देश्य: यह योजना स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करके और निवेश आकर्षित करके उत्तर प्रदेश के $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप है।
  • संतुलित शहरीकरण: छोटे केंद्रों में भविष्य के लिये तैयार शहरी पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर, सरकार का लक्ष्य बड़े महानगरों पर प्रवास के दबाव को कम करना है।
  • क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना: इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ स्थापित केंद्रों से आगे बढ़े ताकि पूरे राज्य में समावेशी विकास को प्रोत्साहन मिल सके।

और पढ़ें: स्मार्ट सिटीज़ मिशन

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