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सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026
- 27 Jan 2026
- 16 min read
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने संस्थागत श्रेणी में सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) तथा व्यक्तिगत श्रेणी में लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के को सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 के लिये चयनित किया है।
मुख्य बिंदु:
- सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार: भारतीय नागरिकों और संस्थानों को आपदा प्रबंधन (रोकथाम, शमन, तैयारी, बचाव एवं पुनर्वास) के क्षेत्र में असाधारण साहस तथा समर्पण के लिये सम्मानित करने हेतु यह पुरस्कार दिया जाता है।
- घोषणा: प्रतिवर्ष 23 जनवरी (पराक्रम दिवस) को की जाती है।
- पुरस्कार राशि:
- संस्थागत श्रेणी: प्रमाणपत्र और ₹51 लाख (यह राशि संस्था द्वारा आपदा प्रबंधन गतिविधियों में उपयोग की जाएगी)।
- व्यक्तिगत श्रेणी: प्रमाणपत्र और ₹5 लाख।
- नोडल मंत्रालय: गृह मंत्रालय (MHA)।
- संस्थागत श्रेणी: सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) को हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में समुदाय-केंद्रित आपदा सहनशीलता विकसित करने के अग्रणी कार्यों के लिये मान्यता दी गई है।
- मुख्य उपलब्धि (आपदा मित्र): प्राधिकरण ने सभी ग्राम पंचायतों में 1,185 आपदा मित्रों (सामुदायिक स्वयंसेवकों) को प्रशिक्षित और तैनात किया है।
- ये स्वयंसेवक उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान प्रथम प्रतिक्रिया देने वालों की भूमिका निभाते हैं।
- संचालनात्मक सफलता: SSDMA ने वर्ष 2023 की तीस्ता फ्लैश फ्लड तथा वर्ष 2016 के मंताम भूस्खलन के दौरान वास्तविक समय समन्वय के माध्यम से 2,500 से अधिक लोगों को बचाने और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में जानमाल की हानि को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- व्यक्तिगत श्रेणी: लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के को वर्ष 2024 के वायनाड (केरल) भूस्खलन के दौरान उनके नेतृत्व के लिये राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
- उनके निर्देशन में सेना की इंजीनियरिंग इकाई ने भारी वर्षा और अस्थिर भू-भाग के बीच चूरलमाला में रिकॉर्ड समय में 190 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया।
- महत्त्व: राष्ट्रीय स्तर पर यह दोहरा सम्मान प्रभावी आपदा प्रबंधन में संस्थागत तैयारी और व्यक्तिगत वीरता दोनों के महत्त्व को रेखांकित करता है।
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