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छत्तीसगढ़

राज्यस्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ गठित

  • 03 Dec 2021
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

2 दिसंबर, 2021 को भारत सरकार द्वारा राज्यस्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ (प्राधिकरण, छत्तीसगढ़) का गठन किया गया। 

प्रमुख बिंदु 

  • इसके गठन के लिये भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विगत दिवस 23 नवंबर, 2021 को अधिसूचना जारी कर दी गई थी। संबंध में राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे केंद्र सरकार द्वारा यथावत स्वीकार किया गया।
  • जारी अधिसूचना के तहत पूर्व प्रधान व मुख्य वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ वन विभाग देवाशीष दास को प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह सहायक आचार्य रसायन विभाग, नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर डॉ. दीपक सिन्हा को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, नवा रायपुर अटल नगर इसके सदस्य-सचिव होंगे।
  • इसी तरह प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ की सहायता के प्रयोजन के लिये भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के परामर्श से राज्यस्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (एसईएसी) छत्तीसगढ़ का गठन किया गया है। 
  • उक्त एसईएसी, छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्य वन संरक्षक और पूर्व अपर प्रबंध निदेशक छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम डॉ. बी.पी. नॉनहरे को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके सदस्यों में धातु शोधन और सामग्री अभियांत्रिकी विभाग राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान डॉ. मनोज कुमार चोपकर, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता महानदी परियोजना रायपुर प्री ध्रुव, जैव प्रौद्योगिकी अध्ययन विद्यालय, पंडित रविशंकर शुक्ल, विश्वविद्यालय डॉ. शैलेश कुमार जाधव, नवाजेदवन सोसायटी पचपेड़ी नाका रायपुर श्री एन.के. चंद्रिका तथा आचार्य इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग महाविद्यालय जगदलपुर डॉ. मोहम्मद रफीक खान शामिल हैं। उप सचिव आवास और पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ एसईएसी छत्तीसगढ़ के सदस्य-सचिव होंगे।
  • यह प्राधिकरण छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (एसईएसी, छत्तीसगढ़) की सिफारिशों पर अपना निर्णय लेगा। 
  • प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ और एसईएसी, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी किसी भी परियोजना के लिये पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए), पर्यावरण प्रबंधन योजना तैयार करने में न तो कोई परामर्श देंगे, न ही उससे जुड़ेंगे, जिसका मूल्यांकन प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ और एसईएसी, छत्तीसगढ़ द्वारा किया जाना है। 
  • यदि गत 5 वर्ष में प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ और एसईएसी, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष या किसी सदस्य ने किसी परियोजना प्रस्तावक के लिये कोई परामर्श सेवा प्रदान की है या ईआईए अध्ययनों का संचालन किया है, ऐसी स्थिति में, वे ऐसे प्रस्तावकों द्वारा प्रस्तावित की जाने वाली किसी परियोजना के मूल्यांकन की प्रक्रिया में प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ और एसईएसी, छत्तीसगढ़ की बैठकों में स्वयं सम्मिलित होने से बचेंगे।
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