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PMMSY के अंतर्गत सिरसा में खारे जल का मत्स्यपालन क्लस्टर

  • 09 Apr 2026
  • 12 min read

चर्चा में क्यों?

मत्स्य पालन विभाग के सचिव अभिलक्ष लिखी ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (PMMSY) के अंतर्गत विकसित खारे जल के मत्स्यपालन क्लस्टर की प्रगति का आकलन किया।

मुख्य बिंदु:

  • क्लस्टर विकास: सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और रोहतक में विकसित खारे जल के मत्स्यपालन क्लस्टर, लवणीय प्रभावित क्षेत्रों में झींगा, स्कैम्पी तथा सीबास जैसी उच्च मूल्य वाली प्रजातियों को बढ़ावा देता है।
    • मत्स्य पालन विभाग ने पूरे भारत में 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों को अधिसूचित किया है।
    • अंतर्देशीय मत्स्य पालन भारत के कुल मत्स्य उत्पादन का लगभग 75% योगदान देता है।
  • एकीकृत एक्वापार्क: सिरसा में ₹110 करोड़ की लागत से एक एकीकृत एक्वापार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें कोल्ड-चेन अवसंरचना भी शामिल है, ताकि कटाई के बाद प्रबंधन और मूल्य संवर्द्धन को मज़बूत किया जा सके।
  • चुनौतियाँ: उच्च विद्युत लागत, अनियमित विद्युत आपूर्ति, गुणवत्तापूर्ण बीज के लिये अन्य राज्यों पर निर्भरता तथा मत्स्यपालन के लिये अपर्याप्त जल आपूर्ति जैसी समस्याएँ मौजूद हैं।
  • प्रौद्योगिकी अपनाना: मत्स्यपालन में RAS (रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम) और बायोफ्लॉक प्रणाली जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
  • निवेश: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत हरियाणा में लगभग ₹760.88 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है।
  •  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY):
    • इस योजना की शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी।
    • यह योजना मत्स्य पालन विभाग द्वारा, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत लागू की जाती है।
और पढ़ें: PMMSY, RAS और बायोफ्लॉक

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