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प्रधानमंत्री मोदी को इज़राइल के सर्वोच्च संसदीय सम्मान से सम्मानित किया

  • 05 Mar 2026
  • 14 min read

चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़राइल की संसद (केनेस्सेट) में उनके ऐतिहासिक संबोधन के बाद ‘स्पीकर ऑफ द केनेस्सेट मेडल’ से सम्मानित किया गया है, जो इज़राइल की संसद का सर्वोच्च सम्मान है।

मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक क्षण: प्रधानमंत्री मोदी केनेस्सेट (इज़राइल की संसद) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जो एक राजनयिक उपलब्धि और घनिष्ठ द्विपक्षीय जुड़ाव का एक महत्त्वपूर्ण प्रदर्शन है।
    • यह सम्मान रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी, नवाचार, कृषि तथा आर्थिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-इज़राइल साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है।
  • साझा मूल्य: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-इज़राइल संबंधों को दिशा देने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक विश्वास के मज़बूत आधार पर प्रकाश डाला तथा इस पुरस्कार को दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता को समर्पित किया।
    • प्रधानमंत्री मोदी उन कुछ वैश्विक अभिकर्त्ताओं में शामिल हैं जिन्हें इज़राइल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं, जो पश्चिम एशिया में भारत की संतुलित एवं सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है।
  • द्विपक्षीय वार्ता: दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA), प्रौद्योगिकी साझेदारी, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष सहयोग और भावी कृषि समाधानों पर सहयोग बढ़ाने के लिये चर्चा हुई, जो भारत-इज़राइल सहयोग हेतु व्यापक रोडमैप का संकेत देता है।
  • महत्त्व: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द केनेस्सेट मेडल’ प्रदान किया जाना भारत-इज़राइल संबंधों में एक ऐतिहासिक अध्याय को दर्शाता है। 
    • यह न केवल कूटनीतिक सद्भावना का उत्सव है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच रणनीतिक सहयोग की दिशा को और मज़बूत करता है, जिससे वैश्विक साझेदारी और साझा हितों को बल मिलता है।
और पढ़ें: मुक्त व्यापार समझौता, भारत-इज़राइल संबंध

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